Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर पर सरकार के फैसलों से भाई असंतुष्ट, पुलिसवालों पर हत्या का मुकदमा और फांसी की मांग पर अड़ा परिवार

Bharat Tiwari Encounter Case: चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सरकार द्वारा कई प्रशासनिक कदम उठाए जाने के बावजूद पीड़ित परिवार की नाराजगी कम नहीं हो रही है। ...

Dissatisfaction over Bharat Tiwari encounter  Brother demand
'पुलिसवालों पर चले हत्या का केस'- फोटो : reporter

Bharat Tiwari Encounter Case:  चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सरकार द्वारा कई प्रशासनिक कदम उठाए जाने के बावजूद पीड़ित परिवार की नाराजगी कम नहीं हो रही है। ताजा घटनाक्रम में परिजनों ने स्पष्ट कहा है कि वे सरकार की अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार द्वारा कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई और जांच प्रक्रिया में बदलाव के बावजूद परिवार को न्याय नहीं मिला है। उनका कहना है कि उनकी और उनकी मां की प्रमुख मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। परिजनों ने साफ तौर पर मांग की है कि संबंधित पुलिसकर्मियों पर हत्या की धारा लगाई जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।

परिवार की ओर से यह भी मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस बीच सरकार ने देर रात एक आदेश जारी करते हुए जांच ढांचे में कुछ बदलाव किए हैं, जिसमें जगदीशपुर एसडीपीओ को जांच प्रक्रिया से हटाना और कुछ अन्य प्रशासनिक निर्देश शामिल बताए जा रहे हैं।

इधर मामले में लगातार नए आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं। परिजनों का कहना है कि घटना के दिन पुलिस के साथ बातचीत के दौरान भरत ने आत्मसमर्पण करते हुए हथियार नीचे फेंक दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे गोली मारी गई। वहीं पुलिस पक्ष इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बता रहा है।

भरत तिवारी की मां ने आवेदन में पहले हीं आरोप लगाया गया है कि भरत को पुलिस द्वारा भरोसे में लेकर घटनास्थल पर बुलाया गया और बाद में मुठभेड़ के नाम पर उसे गोली मार दी गई। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि इस पूरी घटना में कई पुलिस अधिकारी शामिल थे, जिन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी बहस तेज है। एक ओर सरकार इसे कानून-व्यवस्था के तहत की गई कार्रवाई बता रही है, वहीं दूसरी ओर परिजन इसे फर्जी एनकाउंटर करार दे रहे हैं। फिलहाल मामला न्यायिक और प्रशासनिक जांच के विभिन्न स्तरों पर पहुंच चुका है, लेकिन परिवार की स्पष्ट मांगें हत्या का केस और फांसी की सजा इस विवाद को और अधिक संवेदनशील और जटिल बना रही हैं।

वहीं महापंचायत के लिए लोगों का हुजूम उमड़ने लगा है। लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुखर हो कर बोल रहे हैं।

रिपोर्ट- आशीष कुमार