Bihar News : बिहार में एमवीआई के नाम पर अवैध वसूली का भंडाफोड़, कथित ‘रिश्तेदार’ के मोबाइल में मिले 100 गाड़ियों के फोटो, लोगों ने जमकर काटा बवाल

Bihar News : बिहार में एम्वीआई के नाम पर अवैध वसूली करने के आरोप में लोगों ने कथित रिश्तेदार को पकड़ लिया. जिसके बाद लोगों ने जमकर बवाल काटा......पढ़िए आगे

Bihar News : बिहार में एमवीआई के नाम पर अवैध वसूली का भंडाफो
अवैध वसूली का भंडाफोड़ - फोटो : ASHISH

ARA : भोजपुर जिले में हमेशा अपने कारनामे को लेकर चर्चा में रहने वाला जिला परिवहन कार्यालय एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। इस बार मामला मोटर यान निरीक्षक स्मृति सागर से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।  बताया जा रहा है कि एमवीआई का बोर्ड लगा एक चार पहिया वाहन पर दो लोग बाईपास में दो पहिया एवं चार पहिया वाहन का फोटो लेकर मोबाइल में कैद कर रहे थे और इसके माध्यम से वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहे थे। तभी जैसे ही इस बात की जानकारी कुछ लोगों को मिली। 

इन लोगों ने गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया और आरा नवादा थाना क्षेत्र के बंधन टोला के समीप गाड़ी को पकड़ लिया। जिस पर एमवीआई भोजपुर बिहार सरकार का बोर्ड लगा हुआ था और उनके पास से बरामद मोबाइल में तकरीबन 100 गाड़ियों के फोटो मिले हैं।  जिसके आधार पर लोगों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर इन लोगों के द्वारा फोटो खींचकर अवैध रूप से एमवीआई भोजपुर स्मृति सागर के नाम पर अवैध वसूली करने का काम करते हैं और नहीं देने पर गाड़ियों के चालान काट दिए जाते हैं।  जिसके बाद लोगों ने गाड़ी को घेर लिया और जमकर हंगामा करने लगे। 

इसके बाद मौके पर लोगों की काफी भीड़ जुट गई और लोगों ने बताया कि यह लोग पूर्ण रूप से अवैध वसूली का काम करते हैं और गाड़ी में पकड़ा गया लड़का एमवीआई स्मृति सागर का रिश्तेदार बताया जा रहा है।  मौके पर लोगों ने बताया कि मोटर यान निरीक्षक के द्वारा लगातार वाहन चालकों को परेशान किया जाता है और इनका गिरोह सक्रिय है।  

उन लोगों ने बातचीत के क्रम में बताया कि वह लोग गैस लेने के लिए जा रहे थे लेकिन मोबाइल में मिले फोटो के संदर्भ में उन लोगों ने कोई ठोस जानकारी नहीं दिया। इस संदर्भ में जिला परिवहन पदाधिकारी भोजपुर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद जो भी उचित कार्रवाई होगी वह की जाएगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना अधिकारी के निजी लोग किस तरह से गाड़ियों का फोटो ले रहे थे। आखिर उनका यह अधिकार किसने दिया।  यह सबसे बड़ा सवाल है।  इस संदर्भ में मोटर यान निरीक्षक स्मृति सागर के मोबाइल पर फोन करने पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

आशीष की रिपोर्ट