Bihar News : भोजपुर में कलयुगी माँ ने ममता को किया शर्मसार, दो माह के मासूम बच्चे को झाड़ी में फेंका, पुलिस ने इलाज के लिए भेजा अस्पताल

Bihar News : भोजपुर में कलयुगी माँ ने ममता को किया शर्मसार,

ARA : भोजपुर जिले के आरा-बक्सर मुख्य मार्ग पर मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। आरा रसोई के समीप झाड़ियों में एक लावारिस नवजात शिशु मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सड़क किनारे झाड़ी से बच्चे के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण ठिठक गए और जब पास जाकर देखा तो एक मासूम बेबस हालत में पड़ा था। ग्रामीणों ने बिना देर किए इसकी सूचना तुरंत गजराजगंज थाना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही गजराजगंज थाने की पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर जा पहुँची। सब-इंस्पेक्टर सोनी कुमारी ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मासूम को अपनी गोद में उठाया और उसे तुरंत सुरक्षा कवच प्रदान किया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए नवजात को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल पहुँचाया। पुलिस की इस तत्परता की स्थानीय लोग जमकर सराहना कर रहे हैं, जिन्होंने एक लावारिस मासूम के लिए 'देवदूत' की भूमिका निभाई।

आरा सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने नवजात का प्रारंभिक परीक्षण कर उसका इलाज शुरू कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चा लगभग दो माह का प्रतीत होता है। सबसे दुखद पहलू यह सामने आया है कि मासूम जन्म से ही दृष्टिबाधित (अंधा) है, उसकी आंखों की रोशनी नहीं है। फिलहाल डॉक्टरों की एक विशेष टीम बच्चे के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

इस घटना के सार्वजनिक होते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि किसी 'कलयुगी' मां या परिजनों ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के लिए एक दिव्यांग मासूम को मरने के लिए झाड़ियों में फेंक दिया। समाज के प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि बच्चे की शारीरिक अक्षमता (अंधापन) ही शायद उसके अपनों द्वारा त्यागे जाने का क्रूर कारण बनी है, जिसने पूरी मानवता को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

फिलहाल, गजराजगंज थाना पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस आसपास के लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हाल के दिनों में किस परिवार में दो माह का बच्चा था जो अब गायब है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी अमानवीय घटना की पुनरावृत्ति न हो। 

आशीष की रिपोर्ट