Bihar Accident News: शादी के ढाई महीने बाद ही नवविवाहित की दर्दनाक मौत,मांग का सिंदूर उजड़ा, गांव में मातम

Bihar Accident News: स्टेट हाईवे-102 पर तेज रफ्तार और बेलगाम वाहनों की रफ्तार ने एक नवविवाहित युवक की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर दी।

Newlywed Dies Within 2 Months of Marriage Village Grief Ensu
शादी के ढाई महीने बाद ही नवविवाहित की दर्दनाक मौत- फोटो : reporter

Bihar Accident News:बिहार के आरा  से एक दिल झकझोर देने वाली सड़क दुर्घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक और गुस्से में डुबो दिया है। बिहिया-बिहटा स्टेट हाईवे-102 पर तेज रफ्तार और बेलगाम वाहनों की रफ्तार ने एक नवविवाहित युवक की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर दी। तरारी प्रखंड के इमादपुर थाना क्षेत्र के मोआपखुर्द गांव निवासी 32 वर्षीय अमित कुमार की एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।

अमित कुमार, बालकेश्वर राम के पुत्र थे। उनकी शादी इसी साल 24 फरवरी को बड़े धूमधाम से आरा प्रखंड के धोबहा महुली गांव में रामेश्वर प्रसाद की पुत्री प्रीति कुमारी से हुई थी। घर में नई बहू के आने से खुशियों का माहौल था, लेकिन यह खुशी महज ढाई महीने में ही मातम में बदल गई।

परिजनों के अनुसार अमित सब्जी लेने के लिए मोआपखुर्द से सहियारा की ओर जा रहे थे, तभी बिहिया-बिहटा स्टेट हाईवे-102 पर बाजार टोला के पास यह दर्दनाक हादसा हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्हें बचाया नहीं जा सका।

हादसे की सूचना मिलते ही कृष्ण कुमार सिंह और इमादपुर पुलिस स्टेशन मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आरा सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन की तलाश शुरू कर दी है।

सबसे दर्दनाक बात यह है कि मृतक का परिवार फिलहाल बोकारो में रहता है, और जैसे ही यह खबर वहां पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी मातम पसरा हुआ है। जहां कुछ दिन पहले तक शहनाइयों की गूंज थी, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और सन्नाटा है।

स्थानीय ग्रामीणों में इस हादसे को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्टेट हाईवे पर तेज रफ्तार वाहन लगातार जानलेवा बनते जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और स्पीड कंट्रोल की मांग की है।

यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक बिहार की सड़कें यूं ही मासूम जिंदगियों को निगलती रहेंगी।

रिपोर्टर-आशीष कुमार