Bihar Road Accident : बारात जाने निकले थे, मौत से टकरा गए! बेलगाम पिकअप ने बाइक सवार युवकों को रौंदा , दो की दर्दनाक मौत

Bihar Road Accident : बारात जाने के लिए निकले तीन युवक पिकअप की चपेट में आ गए. जिनमें दो की मौत हो गयी. घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है......पढ़िए आगे

Bihar Road Accident : बारात जाने निकले थे, मौत से टकरा गए! ब
दो युवकों की मौत - फोटो : ASHISH

Ara:  जिले के आरा–सासाराम स्टेट हाईवे पर शुक्रवार की रात एक खौफनाक सड़क हादसे ने दो घरों की खुशियां पल भर में मातम में बदल दीं। बारात में शामिल होने निकले तीन युवकों की बाइक को एक बेलगाम पिकअप ने ऐसी टक्कर मारी कि दो युवकों की मौके पर ही जिंदगी की डोर टूट गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सन्नाटा और मातम का माहौल छा गया।

यह दर्दनाक हादसा हसन बाजार थाना क्षेत्र के सहेजनी लाइन होटल के समीप हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार और अनियंत्रित पिकअप ने सामने से आ रही बाइक को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर दूर जा गिरे और पिकअप भी नियंत्रण खोकर सड़क किनारे खाई में पलट गई।

हादसे में मरने वालों की पहचान उदनडीह गांव निवासी रानू सिंह (27 वर्ष), पिता जीतन सिंह और रंजीत कुमार, पिता शिवनाथ सिंह के रूप में हुई है। जबकि तीसरा युवक राहुल कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त बाइक से रोहतास जिले के सझौली थाना क्षेत्र के बेरी गांव एक बारात में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मौत उनका इंतजार कर रही थी।

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही हसन बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को पीरो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टर आनंद और डॉक्टर सुचित कुमार पासवान ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण रंजीत कुमार और राहुल कुमार को बेहतर इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान रंजीत कुमार ने भी दम तोड़ दिया।

इस हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। रानू सिंह चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। दुखद बात यह है कि उसके बड़े भाई धनु सिंह की भी महज एक महीने पहले बीमारी से मौत हो चुकी थी। अब घर में मां चिंता देवी, छोटा भाई सोनू और बहन पिंकी ही रह गए हैं। वहीं रंजीत कुमार की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां यशोदा देवी और पत्नी सरिता देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। रंजीत अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी एक साल की मासूम बेटी दिव्या है, जो घर में रोती मां और दादी को देखकर खुद भी बिलखने लगती थी। गांव में हर तरफ मातम पसरा हुआ है और रंजीत की पत्नी बार-बार बेहोश होते हुए सिर्फ यही कह रही थी-“अब हम केकरा सहारे जीअम हो…”इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के खतरनाक सच को उजागर कर दिया है।

आशीष की रिपोर्ट