बिहार में शराबबंदी के बीच JDU नेता की तस्वीर वायरल, "बोतल' थामे दिखे जदयू प्रदेश सचिव सतेंद्र कुशवाहा!

बिहार के अरवल जिले के कुर्था क्षेत्र से जदयू के प्रदेश सचिव सतेंद्र कुशवाहा की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में नेता जी एक बंद कमरे में मुस्कुराते हुए विदेशी शराब की बोतल हाथ में थामते नजर आ रहे हैं।

jdu state secretary viral photo with liquor bottle
जदयू प्रदेश सचिव की शराब की बोतल के साथ तस्वीर वायरल- फोटो : Reporter

बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को कड़ाई से लागू रखने के दावों के बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है, जिसने राजनीतिक गलियारों में गरमाहट ला दी है। वायरल तस्वीर में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश सचिव सह टेकरी विधान सभा क्षेत्र के प्रभारी सतेंद्र कुशवाहा एक व्यक्ति से शराब की बोतल लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। जदयू  सुप्रीमों व पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे बड़े फैसलों में शुमार और सबसे बड़े ड्रीम प्रोजेक्ट  यानि सूबे में पूर्ण 'शराबबंदी' को लेकर जहां सरकार लगातार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का दावा करती है, वहीं सत्तारूढ़ दल के ही एक जिम्मेदार पदाधिकारी की ऐसी तस्वीर सामने आना सरकार और संगठन दोनों के लिए असहज करने वाली स्थिति पैदा कर रहा है।


वायरल तस्वीर में क्या है?

वायरल हो रही तस्वीर  में देखा जा सकता है कि एक बंद कमरे के भीतर दो लोग बैठे हुए हैं। कुर्ता-पायजामा पहने और चश्मा लगाए जदयू प्रदेश सचिव सतेंद्र कुशवाहा बेड पर बैठे नजर आ रहे हैं, जिन्हें सामने बैठा एक अन्य व्यक्ति (सफेद शर्ट में) हंसते हुए विदेशी शराब की एक बोतल  सौंप रहा है। सतेंद्र कुशवाहा भी मुस्कुराते हुए उस बोतल को अपने हाथ में थामते दिख रहे हैं। दरअसल सतेंद्र कुशवाहा मूल रूप से अरवल जिले के कुर्था के मूल निवासी है। इसी क्रम में नेता जी विगत दिनों क्षेत्र के डगरा इलाके में  एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुचे थे। वायरल तस्वीर के बैकग्राउंड और उनके हाव-भाव से यह किसी निजी बैठक या मुलाकात के दौरान का दृश्य प्रतीत हो रहा है।


शराबबंदी कानून और सुशासन के दावों पर उठे सवाल

बिहार में साल 2016 से ही पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके तहत शराब पीना, बेचना या अपने पास रखना एक गंभीर कानूनी अपराध है। इस कानून को सफल बनाने के लिए  प्रशासन लगातार कड़े कदम उठाने का दावा करते हैं। ऐसे में कुर्था क्षेत्र के प्रमुख जदयू नेता और प्रदेश सचिव स्तर के पदाधिकारी की इस प्रकार की तस्वीर सामने आने के बाद विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का बड़ा मौका मिल गया है। स्थानीय लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि जब सत्ताधारी दल के नेता ही इस प्रकार के मामलों में दिखेंगे, तो आम जनता के बीच क्या संदेश जाएगा।

रिपोर्ट - रंजीत कुमार