औरंगाबाद में भीषण गर्मी का तांडव: जिला प्रशासन ने जारी किया 'हाई अलर्ट', स्कूल-कॉलेज बंद

Bihar News : औरंगाबाद जिले में भीषण गर्मी ने पूरे जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर डाला है। भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। जानलेवा हीट वेव को देखते हुए स्कूल-कॉलेज को बंद कर दिया गया है.....

औरंगाबाद में भीषण गर्मी का तांडव: जिला प्रशासन ने जारी किया
हीट वेव को लेकर जिला प्रशासन ने जारी किया 'हाई अलर्ट- फोटो : दीनानाथ मौआर

Aurangabad : जिले में आसमान से बरसती आग और भीषण तपिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। औरंगाबाद जिला प्रशासन ने मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी के मद्देनजर 21 मई से लेकर 2 जून तक पूरे जिले में 'हाई अलर्ट' जारी कर दिया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इन दिनों औरंगाबाद जिला के सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तापमान (पारद) रिकॉर्ड 48 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की प्रबल संभावना है। इस जानलेवा हीट वेव (लू) के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने आम जनता की सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।


बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि, सभी शिक्षण संस्थान अगले आदेश तक बंद

मौसम विभाग द्वारा जारी की गई इस बेहद गंभीर चेतावनी के उपरांत, जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों, कोचिंग संस्थानों तथा कॉलेजों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी विशेष अपील की है कि वे सुबह 10:00 बजे के बाद से लेकर शाम 5:00 बजे तक बहुत जरूरी न हो तो अपने घरों से बाहर न निकलें। यदि किसी अपरिहार्य या इमरजेंसी काम से बाहर निकलना भी पड़े, तो सूती कपड़ों से अपने पूरे शरीर और सिर को अच्छी तरह से ढककर और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर ही बाहर कदम रखें।


सदर अस्पताल में युद्ध स्तर पर तैयारियां, प्रबंधक ने संभाली कमान

इस भीषण हीट वेव से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य व्यवस्था को चाक-चौबंद करते हुए जिले के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र— सदर अस्पताल को भी हाई अलर्ट पर रख दिया है। इस संबंध में मीडिया कर्मियों को विस्तृत जानकारी देते हुए सदर अस्पताल के प्रबंधक प्रफुल्लकांत निराला ने बताया कि लू की चपेट में आने वाले संभावित मरीजों के त्वरित उपचार के लिए अस्पताल में युद्ध स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अस्पताल में विशेष रूप से तकरीबन 28 बेड का एक अत्याधुनिक वार्ड तैयार किया गया है, जो पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) है, ताकि मरीजों को तुरंत राहत मिल सके। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 20 अतिरिक्त बेड भी रिजर्व मोड में रखे गए हैं।


जीवन रक्षक दवाइयों और उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक, डॉक्टरों की टीम तैनात

अस्पताल प्रबंधक प्रफुल्लकांत निराला ने आगे बताया कि हीट वेव से प्रभावित होने वाले मरीजों को सही समय पर सही और बेहतर इलाज मुहैया कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए लू के इलाज के दौरान उपयोग में आने वाली सभी आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों, ओआरएस (ORS) घोल, आईवी फ्लूइड और अन्य चिकित्सकीय उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर लिया गया है। अस्पताल के सभी उपकरणों को चालू और रेडी पोजीशन में रखा गया है। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष टीमों को चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात रहने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत अटेंड किया जा सके।


स्वास्थ्य विभाग ने कहा— हम हर चुनौती से निपटने को पूरी तरह तैयार

सदर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा इस प्राकृतिक चुनौती और भीषण गर्मी से निपटने के लिए हर स्तर पर पूरी तरह से तैयार है और आम जनता को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। हालांकि, डॉक्टरों ने भी लोगों को सलाह दी है कि वे खान-पान में सावधानी बरतें, मौसमी फलों और तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) न हो। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है।


दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट