11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से दंपत्ति की दर्दनाक मौत, बिजली विभाग की लापरवाही पर भड़के ग्रामीण
Aurangabad : जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बौर गांव में एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है, जहां हाई वोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आने से बुजुर्ग पति-पत्नी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान बौर गांव निवासी 65 वर्षीय गोपाल प्रसाद और उनकी 60 वर्षीय पत्नी ऐरावंति देवी के रूप में की गई है। एक साथ परिवार के दो बुजुर्ग सदस्यों की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और स्वजनों में चीख-पुकार मच गई।
पंचायत सरकार भवन के पास जमीन पर गिरा हुआ था 11 हजार वोल्ट का तार
घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि गांव के उत्तर दिशा में स्थित पंचायत सरकार भवन के समीप बधार (खेत) में 11 हजार वोल्ट का हाई-टेंशन बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिरा हुआ था। शनिवार शाम गोपाल प्रसाद और उनकी पत्नी ऐरावंति देवी मवेशियों के लिए घास काटने बधार की ओर गए थे। इसी दौरान वे अनजाने में जमीन पर पड़े लाइव तार के संपर्क में आ गए, जिससे दोनों की मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई।
रफीगंज पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा सदर अस्पताल
हादसे की सूचना मिलते ही रफीगंज थाने की पुलिस दल-बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पंचनामा तैयार करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस प्रशासन ने परिजनों को ढांढस बंधाया और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुखिया विनय प्रसाद ने जताया दुख, पीड़ित परिवार के लिए की मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही बौर पंचायत के मुखिया विनय प्रसाद और कई स्थानीय समाजसेवी घटनास्थल पर पहुंचे तथा परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मुखिया विनय प्रसाद ने कहा कि परिवार के दो सदस्यों की एक साथ मौत से परिजनों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने बिहार सरकार और संबंधित विभाग से पीड़ित परिवार को अविलंब उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की।
बिजली विभाग की घोर लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, जांच की मांग
वहीं, इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही और जर्जर तारों की अनदेखी के कारण दो निर्दोष लोगों की जान चली गई। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
दीनानाथ की रिपोर्ट