Bihar Flood: वाल्मीकिनगर गंडक बराज से फिर छोड़ा गया 4.24 लाख क्यूसेक पानीा, बगहा के निचले इलाकों में घुसा सैलाब, बिगड़े हालात

Bihar Flood: वाल्मीकि नगर गंडक बराज से रविवार सुबह 11 बजे 4.24 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।इससे बिहार के गंडक के तटवर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है।...

Gandak Flood Fury  4 24 Lakh Cusecs Released

Bihar Flood: नेपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद गंडक नदी ने बगहा में रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। मानसून सत्र में पहली बार नदी में पानी का बहाव बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से रविवार सुबह 11 बजे 4.24 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। वहीं, नेपाल के देवघाट से सुबह 10:25 बजे 6.448 लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज का आंकड़ा दर्ज किया गया है। इससे गंडक के तटवर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है।

गंडक बराज के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 11 बजे बराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 362.60 फीट और डाउनस्ट्रीम में 360.90 फीट दर्ज किया गया। डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज भी 4.24 लाख क्यूसेक रहा। दूसरी तरफ नेपाल के देवघाट में जलस्तर 11.54 दर्ज किया गया, जिसके आधार पर करीब 6.448 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज का अनुमान लगाया गया है।

पिछले चार दिनों से जारी बारिश के बाद बगहा के कई इलाकों में बाढ़ का पानी दाखिल हो गया है। कैलाशनगर, गोला घाट और चखनी समेत आसपास के निचले इलाकों में पानी फैलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लक्ष्मीपुर-रमपुरवा क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव भी बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं।

गंडक के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार पानी छोड़े जाने और नेपाल में बारिश जारी रहने से हालात पर प्रशासन की पैनी नजर है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा नदी के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की हिदायत दी जा रही है।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती नदी के जलस्तर में संभावित और बढ़ोतरी को लेकर है। यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले घंटों में गंडक का सैलाबी पानी और इलाकों को प्रभावित कर सकता है।

रिपोर्ट- नागेंद्र प्रसाद