PM Modi Birthday : बांका में 'आशीर्वाद का दिया' कार्यक्रम: मंदार पर्वत की तलहटी में जले 10 हजार दीये, PM मोदी को दी शुभकामनाएं

PM Modi Birthday : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मंदार पर्वत की तलहटी स्थित पापहरणी सरोवर में ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सरोवर में करीब 10 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए.....पढ़िए आगे

PM Modi Birthday : बांका में 'आशीर्वाद का दिया' कार्यक्रम: म
बांका में जन्मोत्सव - फोटो : CHANDRASHEKHAR

BANKA : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर बांका के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक मंदार पर्वत की तलहटी में स्थित पापहरणी सरोवर में गुरुवार को एक भव्य 'आशीर्वाद का दिया' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर पूरे सरोवर परिसर में एक साथ करीब 10 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। दीपों की इस मनोरम रोशनी से ऐतिहासिक पापहरणी सरोवर और मंदार की वादियां जगमगा उठीं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह के वातावरण में डूब गया।

इस गरिमामयी कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजशास्त्रियों, भाजपा कार्यकर्ताओं, स्कूली बच्चों और जिलेभर से आए आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सरोवर के घाटों पर उपस्थित अपार जनसमूह ने एक साथ दीप जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना की। इसके साथ ही उपस्थित लोगों ने भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराते हुए अपनी सांस्कृतिक निष्ठा प्रकट की।

स्थानीय निवासियों एवं समाजशास्त्रियों ने कार्यक्रम के दौरान मंदार पर्वत के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मंदार की पहचान देश-दुनिया में फैली हुई है और ऐसे पवित्र स्थल पर 10 हजार दीप जलाकर पूरे देश में विकास, समृद्धि और राष्ट्र निर्माण का सकारात्मक संदेश दिया गया है। संध्या आरती और दीपदान के समय पापहरणी सरोवर का दृश्य अत्यंत अलौकिक और आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में समाजसेवी मनीष अग्रवाल, निप्पू पांडे, भाजपा नेता ब्रजेश मिश्रा सहित कई गणमान्य लोगों की प्रमुख भूमिका रही। इस पूरे आयोजन के दौरान मंदार पर्वत परिसर में किसी बड़े त्योहार जैसा उत्सव का माहौल देखने को मिला। आम लोगों और बच्चों ने इस दीपोत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।

चंद्रशेखर भगत की रिपोर्ट