Bihar News: बेटियों की पढ़ाई पर पानी का संकट, चौकियों के सहारे स्कूल पहुंच रहीं छात्राएं, महीनों से जलजमाव से हो रही परेशनी

Bihar News: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में जलजमाव ने करीब 300 छात्राओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

Waterlogged School
बेटियों की पढ़ाई पर पानी का संकट- फोटो : reporter

Bihar News: बांका के बाराहाट प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में जलजमाव ने करीब 300 छात्राओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महीनों से विद्यालय परिसर में गंदा पानी जमा रहने के कारण छात्राओं का सामान्य आवागमन तक मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे हैं कि परिसर से हरिहर चौधरी विद्यालय तक जाने के लिए छात्राओं को लकड़ी की चौकियों से बनाए गए अस्थायी रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है।लंबे समय से जमा पानी के कारण विद्यालय परिसर में गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है। पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से छात्राओं के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता पैदा हो गई है। छात्राओं और विद्यालय प्रबंधन की ओर से किसी तरह चौकियां बिछाकर रास्ता तैयार किया गया है, लेकिन यह इंतजाम कितना सुरक्षित है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि थोड़ी सी चूक से छात्राओं के फिसलकर गिरने की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय स्तर पर जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के बाद परिसर में जमा पानी लंबे समय तक नहीं निकल पा रहा है। इसका सीधा असर छात्राओं के रहने, पढ़ने और विद्यालय की दैनिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब समस्या महीनों से बनी हुई है तो अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया?कस्तूरबा विद्यालय प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र में स्थित है। आसपास प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय और आवास भी हैं। इसके बावजूद छात्राओं को जलजमाव से बचने के लिए चौकियों पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था और छात्राओं को उपलब्ध कराए जाने वाले सुरक्षित आवासीय वातावरण पर सवाल खड़े करती है।

मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी देव नारायण पंडित ने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले को तत्काल दिखवाकर छात्राओं की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।अब जरूरत सिर्फ अस्थायी चौकियां बिछाने की नहीं, बल्कि विद्यालय परिसर की स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की है। करीब 300 छात्राओं के सुरक्षित आवागमन और बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग को इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना होगा।

रिपोर्ट- चंद्रशेखर भगत