Bihar News: इमरजेंसी में डॉक्टर नदारद,सदर अस्पताल की बदहाली पर भड़के विधायक, बोले- मरीजों की जान से खिलवाड़ नहीं

Bihar News: विधायक ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंचे विधायक ने इमरजेंसी वार्ड समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

Bihar News: इमरजेंसी में डॉक्टर नदारद,सदर अस्पताल की बदहाली
खुला समस्याओं का पिटारा- फोटो : CHANDRASHEKHAR

Banka : बांका सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मंगलवार की सुबह उस वक्त सवाल खड़े हो गए, जब कटोरिया विधायक पूरनलाल टुडू ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंचे विधायक ने इमरजेंसी वार्ड समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत के दौरान सामने आई परेशानियों पर विधायक ने नाराजगी जताई और अस्पताल प्रशासन से जवाब-तलब किया।

विधायक अपने गांव के युवक सुनील मुर्मू के सड़क हादसे में घायल होने की सूचना मिलने के बाद उसका हाल जानने सदर अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्था देखी। विधायक के अनुसार, निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी में चिकित्सक की मौजूदगी नहीं होने और मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने की स्थिति सामने आई। इसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

विधायक ने कहा कि इमरजेंसी सेवा चौबीसों घंटे संचालित होती है। ऐसे में अस्पताल पहुंचने वाले गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा मिलनी चाहिए। यदि इमरजेंसी में डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं होंगे तो मरीजों की जिंदगी पर गंभीर संकट पैदा हो सकता है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी गंभीर मरीज को इलाज के लिए चिकित्सक का इंतजार नहीं कराया जा सकता। अस्पताल में आवश्यक सुविधा या विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं है तो मरीज को बिना वक्त गंवाए उच्चतर स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया जाना चाहिए। सुनील मुर्मू सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था। उसकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया। विधायक ने कहा कि गंभीर मरीजों के मामले में रेफरल की प्रक्रिया में किसी तरह की लेटलतीफी नहीं होनी चाहिए।

औचक निरीक्षण के बाद विधायक पूरनलाल टुडू ने सदर अस्पताल की व्यवस्था पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान जो समस्याएं सामने आई हैं, उनकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को लिखित रूप से दी जाएगी। उनका कहना है कि मरीजों को समय पर डॉक्टर, समुचित उपचार और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेफरल की सुविधा मिलना बेहद जरूरी है।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे लोगों की जिंदगी से जुड़ी हैं और इनमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मरीजों और उनके परिजनों ने भी विधायक के सामने अपनी परेशानियां रखीं। परिजनों ने चिकित्सकों की उपलब्धता, उपचार में देरी और रेफरल प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी। विधायक ने उनकी शिकायतें सुनीं और अस्पताल प्रशासन से व्यवस्था दुरुस्त करने की अपेक्षा जताई।औचक निरीक्षण के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर नजर रहेगी। विधायक की लिखित शिकायत के बाद व्यवस्था में क्या सुधार होता है, यह देखने वाली बात होगी।

रिपोर्ट- चंद्रशेखर भगत