मंदार की पापहरणी में डूबा युवक, 3 घंटे तक नहीं मिला शव; 'भगवान भरोसे' श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आस्था के केंद्र में पसरा मातम

बांका के मंदार स्थित पापहरणी सरोवर में नहाने के दौरान युवक आशीष राय की डूबने से मौत। प्रशासन की लापरवाही से नाराज स्थानीय लोग। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

मंदार की पापहरणी में डूबा युवक, 3 घंटे तक नहीं मिला शव; 'भगव

Banka -  बांका जिले के विश्वप्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल मंदार पर्वत स्थित पापहरणी सरोवर में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी सुभाष राय का पुत्र आशीष राय सरोवर में स्नान करने के दौरान गहरे पानी में समा गया। आशीष अपने भाइयों और दोस्तों के साथ मंदार घूमने आया था, लेकिन किसे पता था कि यह सैर एक कभी न भूलने वाले गम में तब्दील हो जाएगी। घंटों बीत जाने के बाद भी शव बरामद न होना प्रशासन की सुस्ती को बयां कर रहा है।

स्नान के दौरान गहरे पानी में समाया आशीष

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आशीष अपने साथियों के साथ पापहरणी सरोवर में नहा रहा था। इसी दौरान वह पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सका और अचानक डूबने लगा। साथ आए दोस्तों ने शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया, लेकिन जब तक कोई कुछ समझ पाता, आशीष पानी की गहराइयों में ओझल हो चुका था। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन बिना संसाधनों के पुलिस और ग्रामीण भी बेबस नजर आए।

परिजनों का चीत्कार, एसडीआरएफ का इंतजार

मृतक आशीष दो भाइयों और दो बहनों में शामिल था। हादसे की खबर जैसे ही सलेमपुर गांव पहुँची, परिवार में कोहराम मच गया। सरोवर किनारे बदहवास माता-पिता और परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। स्थानीय पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) टीम को सूचित किया है, लेकिन टीम के पहुँचने में हुई देरी ने परिजनों के सब्र का बांध तोड़ दिया।

कटाक्ष: पर्यटन स्थल बड़ा, सुरक्षा इंतजाम शून्य

इस हादसे ने नगर पंचायत और स्थानीय प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। मंदार जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर, जहां हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, वहां सुरक्षा के न्यूनतम इंतजाम भी नदारद हैं। न तो सरोवर के खतरनाक हिस्सों में बैरिकेडिंग की गई है, न ही चेतावनी के बोर्ड लगाए गए हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल मेलों के समय जागता है, बाकी दिन सुरक्षा पूरी तरह से 'भगवान भरोसे' रहती है।

स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों ने प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि यहां न तो स्थायी गोताखोरों की तैनाती है और न ही 'आपदा मित्रों' की ड्यूटी लगाई जाती है। लोगों ने मांग की है कि पापहरणी सरोवर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया जाए और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए लाइफ गार्ड्स की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग न बुझे।

रिपोर्ट: चंद्रशेखर कुमार भगत, बांका