Bihar Banka Murder: दोस्ती का खौफनाक अंत! बांका में युवक की हत्या कर शव जंगल में गाड़ा, आरोपी दोस्त गिरफ्तार
बिहार के बांका जिले में दिल दहला देने वाली हत्या, दोस्त ने शराब के नशे में भगवान किस्कू की हत्या कर जंगल में शव को दफनाया। आरोपी गिरफ्तार।

Bihar Banka Murder: बांका जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक की हत्या कर उसका शव जंगल में दफना दिया गया। मृतक की पहचान बौंसी थाना क्षेत्र के साहु पोखर गांव निवासी भगवान किस्कू (उम्र 41 वर्ष) के रूप में हुई है, जो 1 अप्रैल से लापता था। शनिवार को पुलिस ने उसका शव गोलठी गांव के समीप जंगल से बरामद किया।
परिजनों ने 3 अप्रैल को बौंसी थाना में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की छानबीन के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ जब पता चला की भगवान किस्कू की हत्या उसी के दोस्त फंटूश यादव (निवासी बगमरया गांव) ने की थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों शराब के नशे में थे और किसी बात को लेकर विवाद हुआ। मारपीट के दौरान भगवान किस्कू को गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद फंटूश ने शव को छिपाने के इरादे से जंगल में गाड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर डीएसपी अर्चना कुमारी, इंस्पेक्टर राज रतन, थाना अध्यक्ष सुधीर कुमार व कुमार रवि भारी संख्या में पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। शव को जंगल से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
आरोपी फंटूश यादव गिरफ्तार
पुलिस ने फंटूश यादव को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से एक बाइक व एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया है। हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है। भगवान किस्कू की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पत्नी सोबती देवी, मां महारानी देवी और पिता मुंशी किस्कू का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के दो मासूम बच्चे हैं। इसमें से 10 साल का बेटा शिव किस्कू और 8 साल की बेटी शिवानी किस्कू है, जिनके ऊपर से पिता का साया उठ गया है।इस वारदात के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना पुलिस की लापरवाही का नतीजा है, क्योंकि युवक के गायब होने के कई दिन बाद कार्रवाई शुरू हुई।
पुलिस की सख्ती से खुला मामला
हालांकि, पुलिस की कड़ी पूछताछ और दबिश के बाद ही मामला उजागर हो सका। फंटूश यादव की गिरफ्तारी के बाद उसने सच्चाई कबूल की और शव की लोकेशन बताई।
बांका से चंद्रशेखर कुमार भगत की रिपोर्ट