रोहतास EO विमल कुमार मर्डर केस:IG विकास वैभव का खुलासा,अपाची बाइक सवार नहीं,अधिकारी का चालक ही निकला हत्यारा
डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की हत्या किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि उनके ही चालक मिथलेश ने की थी। ओवरटाइम की ड्यूटी और लगातार डांट से परेशान होकर चालक ने टायर खोलने वाली लोहे की रॉड से सिर पर वार कर हत्या कर दी।
रोहतास जिले के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मगध क्षेत्र के तत्कालीन आईजी विकास वैभव ने जानकारी दी कि इस हत्याकांड को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि ईओ के अपने ही चालक मिथलेश कुमार ने अंजाम दिया था। कड़ाई से की गई पूछताछ के दौरान चालक ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए पूरी घटना की सच्चाई पुलिस के सामने उगल दी है।
अत्यधिक ड्यूटी और डांट से उपजा मानसिक तनाव
पुलिस पूछताछ में आरोपी चालक ने बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा लगातार अधिक ड्यूटी लेने और काम का दबाव बनाने के कारण वह काफी समय से मानसिक तनाव में था। घटना वाले दिन डेहरी से पटना जाते समय उसने शाम होने के कारण सफर करने से मना किया था और खाना भी नहीं खाया था। इसके बावजूद ईओ ने उसे डांटते हुए जबरन साथ चलने पर मजबूर किया, जिससे उसके मन में भारी आक्रोश भर गया था।
नहर रोड पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला
सफर के दौरान देर रात बारुण थाना क्षेत्र के बारुण-दाउदनगर-पटना नहर रोड स्थित लख डिहरा गांव के पास चालक ने पेशाब करने के बहाने गाड़ी रोकी। वहां भी अधिकारी द्वारा दोबारा डांटे जाने पर उसका गुस्सा बेकाबू हो गया। उसने गाड़ी के टूल किट से टायर खोलने वाली लोहे की रॉड निकाली और ईओ के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। इस जानलेवा हमले में विमल कुमार मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई।
गुमराह करने की साजिश और बदलते बयान से शक
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक ने मामले को सड़क हादसा दिखाने के लिए वाहन को किनारे पलट दिया। जब उसे लगा कि यह चाल काम नहीं करेगी, तो उसने पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए अपाची सवार अपराधियों द्वारा हमले की झूठी कहानी गढ़ी। हालांकि, पुलिस के सामने वह कभी दो तो कभी एक अपाची बाइक की बात करने लगा। बयानों में लगातार आ रहे इस विरोधाभास ने पुलिस का ध्यान उसकी ओर खींचा और वह शिकंजे में आ गया।
आला-ए-कत्ल बरामद और पुलिस की आगे की कार्रवाई
पूछताछ में चालक की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड को नहर से गोताखोरों की मदद से बरामद कर लिया है। जांच में इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी चालक मिथलेश कौआखोच गांव का मूल निवासी है और डेहरी के मोहनबिगहा में किराये के मकान में रहता था। फिलहाल पुलिस मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई कर रही है।