Bihar Politics:भामाशाह जयंती पर गरमाई बिहार की राजनीति, विजय सिन्हा का RJD पर तीखा वार, पगड़ी से लेकर भ्रष्टाचार तक खुलकर बोले

पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि पगड़ी की चिंता हमें नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव और उनके परिवार को रहती है। हमें अपनी पगड़ी संभालना आता है।

Bhamashah Jayanti Sparks Bihar Row Vijay Sinha Targets RJD
गरमाई बिहार की राजनीति- फोटो : reporter

Bihar Politics:बेगूसराय की सरजमीं पर राष्ट्र भक्त भामाशाह जयंती के मौके पर सियासत का पारा उस वक्त चढ़ गया, जब बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। मंच से उन्होंने जहां भामाशाह के त्याग, दान और वतनपरस्ती को याद किया, वहीं विपक्ष पर जमकर निशाना साधते हुए माहौल को गरमा दिया।

विजय सिन्हा ने लोगों से आह्वान किया कि वे भामाशाह के पदचिन्हों पर चलते हुए समाज और राष्ट्र के लिए कुर्बानी और समर्पण का जज़्बा पैदा करें। उन्होंने कहा कि ऐसे महान वीरों की सोच आज भी देश को मजबूत बनाने की ताकत देती है।

लेकिन असली सियासी चिंगारी तब भड़की जब उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के लगातार एनडीए पर हो रहे हमलों का जवाब देते हुए तल्ख़ लहजे में पलटवार किया। उन्होंने कहा, पगड़ी की चिंता हमें नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव और उनके परिवार को रहती है। हमें अपनी पगड़ी संभालना आता है। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी विजय सिन्हा ने साफ़ लफ्ज़ों में कहा कि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार है और जहां भी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार सामने आएगा, वहां सख्त कार्रवाई तय है। उन्होंने हाल ही में सस्पेंड किए गए सीओ की पुनर्नियुक्ति के सवाल पर भी दो टूक कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

वहीं बिहार की सियासत में चल रही चर्चाओं पर बोलते हुए उन्होंने सम्राट चौधरी को लेकर कहा कि पार्टी और संगठन का निर्देश सर्वोपरि होता है, और एनडीए के नेतृत्व में सरकार मजबूती से काम कर रही है।

इसी कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव का जिक्र करते हुए बाहरी तत्वों पर तीखा हमला बोला और कहा कि आज ऐसे हालात में भामाशाह जैसे दानवीर और सूरवीर की जरूरत है, जो देश और समाज की रक्षा के लिए आगे आएं। भामाशाह जयंती का यह कार्यक्रम सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासी वार-पलटवार का अखाड़ा बन गया, जहां हर बयान ने नई बहस को जन्म दिया।

रिपोर्ट- अजय शास्त्री