Bihar News: कार्यापालक पदाधिकारी के परिजनों को सरकार देगी 25 लाख रुपए, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार, सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान
Bihar News: कार्यापालक पदाधिकारी के परिजनों को सरकार 25 लाख रुपए आर्थिक सहायता राशि देगी तो वहीं मृतक पदाधिकारी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा। इसका ऐलान सीएम सम्राट ने किया है।
Bihar News: बिहार के भागलपुर ज़िले के सुल्तानगंज में नगर परिषद कार्यालय के अंदर हुई खूनी वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था। दिनदहाड़े नकाबपोश बदमाशों कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार को मौत के घाट उतार दिया। घटना में कार्यालय पदाधिकारी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं नगर सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनकी हालत अभी भी नाज़ुक बताई जा रही है।
राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
वहीं अब इस मामले में सीएम सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से ट्विट कर मृतक कार्यापलक पदाधिकारी के परिजनों को 25 लाख रुपए आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने और कार्यापलक पदाधिकारी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ करने की घोषणा की है।
सीएम सम्राट का ऐलान
सम्राट चौधरी ने ट्विट में लिखा कि, "अत्यंत ही दुःखद घटना में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार का असामयिक निधन हो गया। उन्होंने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदनाएँ प्रकट करते हैं। उनके परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा दिवंगत अधिकारी के दाह-संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ सम्पन्न कराने का निर्णय लिया गया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें। ओम शांति!"
क्या है पूरा मामला
पूरा मामला बिहार के भागलपुर से जुड़ा है। जहां सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में सुल्तानगंज के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सभापति राज कुमार उर्फ गुड्डू बुरी तरह जख्मी हो गए। बताया जा रहा है कि सभापति को बचाने में ईओ की जान चली गई। मंगलवार की शाम 4 बजकर 5 मिनट की घटना बताई जा रही है। नगर परिषद कार्यालय में सभापति राज कुमार अपने चैंबर में सैरात की बंदोबस्ती को लेकर बैठक कर रहे थे। तभी हाथ में हथियार लहराते हुए तीन नकाबपोश अपराधी चैंबर में घुसे और सीधे सभापति को निशाना बनाकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। वहां मौजूद ईओ कृष्ण कुमार ने साहस दिखाते हुए अपराधियों को रोकने की कोशिश की और उनसे उलझ गए। इसी गुत्थमगुत्थी में अपराधियों ने उनके माथे पर गोली मार दी, जिससे उनकी जान चली गई।
मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर
मामले की जांच के दौरान सबसे ऊपर नाम रामधनी यादव का आया, जिसे इस पूरे हत्याकांड का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रामधनी यादव, जो कि नगर परिषद उपाध्यक्ष नीलम देवी का पति भी बताया जाता है, इस पूरी साज़िश की जड़ में था। बुधवार सुबह पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी रामधनी यादव अपने एक साथी के साथ इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस की स्पेशल टीम ने ताबड़तोड़ छापा मारा। जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी की, आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
3 पुलिसकर्मी भी घायल
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में मोर्चा संभाला और देखते ही देखते यह मुठभेड़ एक भीषण एनकाउंटर में तब्दील हो गई। इस क्रॉस फायरिंग में रामधनी यादव को गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। वहीं उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और तुरंत अस्पताल भेजा गया। इस एनकाउंटर के दौरान तीन पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।