Bihar News : व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर पेपर लीक करनेवाले गिरोह का पुलिस ने किया खुलासा, एडमिन को किया गिरफ्तार
BEGUSARAI : जिले की बखरी थाना पुलिस ने बोर्ड परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए परीक्षार्थियों को झांसा देकर मोटी रकम वसूल रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह Bihar Board Out Question नामक टेलीग्राम चैनल और “ACHUK WAN 01” नाम के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अपना जाल फैला रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बखरी थाना क्षेत्र के मौजी थान सिंह गांव निवासी संतोष कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र के अंश वायरल कर छात्रों को फंसाता था।
आरोपी के कब्जे से जब्त मोबाइल फोन की जांच में कई आपत्तिजनक साक्ष्य मिले हैं। इसमें 7 फरवरी 2026 को आयोजित इंटरमीडिएट रसायन शास्त्र (केमिस्ट्री) परीक्षा के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का एक हिस्सा मिला, जिसका मिलान मूल प्रश्नपत्र से करने पर समानता पाई गई। पुलिस के अनुसार गिरोह सिर्फ पेपर लीक का दावा ही नहीं करता था, बल्कि छात्रों से 40 हजार रुपये तक की मांग करता था। संतोष कुमार ने व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश भेजकर मैट्रिक परीक्षा 2026 के पूरे प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले यह रकम मांगी थी। जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क के तार लखीसराय से जुड़े हैं। लखीसराय निवासी पंकज कुमार की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। ग्रुप में छात्रों पर दबाव बनाने वाले संदेश भी भेजे गए थे, जैसे मौका हाथ से निकल गया तो पछताना पड़ेगा और “पेमेंट के तुरंत बाद पीडीएफ में प्रश्नपत्र मिलेगा”। रकम जमा कराने के लिए कई मोबाइल नंबर साझा किए गए, जिनमें 7549785810 और 7488372702 शामिल हैं।
एफआईआर के अनुसार 8 फरवरी की रात करीब 9:05 बजे सूचना मिली कि उक्त टेलीग्राम लिंक के जरिए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। ग्रुप में केवल एडमिन को मैसेज भेजने की अनुमति थी, ताकि सदस्य सवाल न कर सकें। विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए फर्जी नोटिस और पीडीएफ फाइलें भी अपलोड की गई थीं। पुलिस ने चैट स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर और लिंक को साक्ष्य के रूप में संलग्न किया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ग्रुप में हजारों सदस्य जुड़े थे, जिससे आशंका है कि कई छात्र ठगी का शिकार हुए होंगे। साइबर सेल की मदद से मोबाइल नंबरों से जुड़े बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टेलीग्राम ग्रुप एडमिन की पहचान की जा रही है। बखरी डीएसपी कुंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि पेपर लीक के किसी भी दावे पर भरोसा न करें और ऐसी सूचना तुरंत पुलिस को दें। बोर्ड परीक्षा के दौरान अफवाहों और साइबर ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट