Bihar News : बेतिया में हड़कंप ! एक साथ पांच नाबालिग छात्राएं हुई लापता, साग तोड़ने और कपड़े सिलवाने के बहाने निकली थीं घर से बाहर

Bihar News : बेतिया में हड़कंप ! एक साथ पांच नाबालिग छात्राए

BETTIAH : पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग थाना क्षेत्र अंतर्गत लखौरा गांव (वार्ड नंबर आठ) से एक साथ पांच नाबालिग लड़कियों के रहस्यमयी ढंग से लापता होने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। गायब हुई सभी बच्चियां आठवीं और नौवीं कक्षा की छात्राएं हैं। इस घटना के बाद से गांव में भय और भारी तनाव का माहौल है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हाई अलर्ट पर जांच शुरू कर दी है।

सोमवार दोपहर से नहीं मिला सुराग

परिजनों के अनुसार, सोमवार की दोपहर पांचों बच्चियां अपने-अपने घरों से अलग-अलग बहाने बनाकर निकली थीं। किसी ने कपड़े सिलवाने की बात कही थी, तो कोई साग तोड़ने और घास काटने का बहाना बनाकर घर से बाहर गई थी। शाम 4:00 बजे तक जब कोई भी बच्ची वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के यहां भी पता लगाने पर जब कुछ हासिल नहीं हुआ, तो सामूहिक रूप से कुमारबाग थाने में गुहार लगाई गई।

एसडीपीओ खुद पहुंचे गांव, वरीय अधिकारी गंभीर

एक साथ पांच नाबालिगों के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस मुख्यालय तक हलचल तेज हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेतिया एसडीपीओ विवेक दीप देर रात स्वयं लखौरा गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और पूरी घटना की जानकारी ली। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि पुलिस इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और बच्चियों को सुरक्षित वापस लाना पहली प्राथमिकता है।

बेतिया से गोरखपुर तक जांच का घेरा

पुलिस ने जांच के लिए कई टीमें गठित की हैं और जांच का दायरा बेतिया से लेकर गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) तक फैला दिया गया है। पुलिस को अंदेशा है कि बच्चियां ट्रेन के जरिए कहीं बाहर जा सकती हैं, इसलिए बेतिया और गोरखपुर रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही स्टेशनों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।

मोबाइल लोकेशन और तकनीकी जांच

इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस तकनीकी सेल की भी मदद ले रही है। जानकारी मिली है कि लापता लड़कियों में से एक के पास मोबाइल फोन था। पुलिस उस मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन को ट्रैक कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल सिग्नल के जरिए बच्चियों के वर्तमान स्थान का पता लगाया जा सकता है। फिलहाल, पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और हर कोई बच्चियों की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहा है।

आशीष की रिपोर्ट