Nishant Kumar Sadbhav Yatra:निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा की शुरुआत,सुबह सुबह वाल्मीकिनगर में जंगल सफारी पर निशांत, कार्यकर्ताओं में उत्साह
Nishant Kumar Sadbhav Yatra: सुबह-सुबह बाल्मिकीनगर के VTR क्षेत्र में जंगल सफारी के साथ निशांत कुमार की यात्रा की शुरुआत हुई, जहां उनके साथ पूर्व मंत्री श्रवण कुमार भी मौजूद रहे।...
Nishant Kumar Sadbhav Yatra: बिहार की सियासत में एक नई हलचल तब देखने को मिली, जब निशांत कुमार ने अपनी सद्भाव यात्रा का आगाज़ किया और सीधे पश्चिम चंपारण की सरजमीं पर पहुंचकर सियासी तापमान बढ़ा दिया। सुबह-सुबह बाल्मिकीनगर के VTR क्षेत्र में जंगल सफारी के साथ इस यात्रा की शुरुआत हुई, जहां उनके साथ पूर्व मंत्री श्रवण कुमार भी मौजूद रहे।


जंगल की वादियों में सफारी के बहाने पॉलिटिकल मैसेज देने की कोशिश साफ नजर आई। लौटने के बाद निशांत कुमार ने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और नर देवी माता स्थान पर दर्शन कर आस्था और राजनीति का डबल कनेक्शन साधा। इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जहां जबरदस्त उत्साह और भीड़ देखने को मिली।

दरअसल, यह यात्रा सिर्फ एक दौरा नहीं, बल्कि सियासी एंट्री का संकेत भी मानी जा रही है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पहली बार इतने बड़े स्तर पर जनता और कार्यकर्ताओं के बीच नजर आ रहे हैं। बीती रात वे सड़क मार्ग से इंडो-नेपाल बॉर्डर स्थित कन्वेंशन सेंटर पहुंचे थे, जहां से इस पूरे कार्यक्रम की रणनीति तय हुई।

निशांत ने अपनी इस पहल को ‘सद्भाव यात्रा’ का नाम दिया है, जिसका मकसद समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकिनगर और थारू आदिवासी समाज के लिए उनके पिता ने जो काम किए हैं, उन्हें आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी।
यात्रा के पहले चरण में वे बेतिया और पश्चिमी चंपारण के कई इलाकों का दौरा करेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, वे सुबह 10:40 बजे बेतिया के लिए रवाना होंगे।

इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में एक नई ‘स्क्रिप्ट’ लिखनी शुरू कर दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह यात्रा निशांत कुमार के सियासी करियर की ‘लॉन्चिंग’ साबित होगी या सिर्फ एक संदेश बनकर रह जाएगी। फिलहाल, वाल्मीकिनगर से उठी यह लहर पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गई है।
रिपोर्ट- आशीष कुमार