तेंदुए का शावक नहीं,निकली दुर्लभ फिशिंग कैट, बगहा में घायल वन्यजीव मिलने से मचा हड़कंप, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

Bihar Rare Fishing Cat:एक घायल जंगली जानवर दिखाई दिया। शरीर पर धब्बे होने की वजह से ग्रामीणों ने उसे पहले तेंदुए का शावक समझ लिया।लेकिन वन विभाग की जांच में पूरा मामला कुछ और ही निकला।

Rare Fishing Cat Rescued Injured Near Bagaha Railway Track
तेंदुए का शावक नहीं,निकली दुर्लभ फिशिंग कैट- फोटो : reporter

Bihar Rare Fishing Cat: पश्चिम चम्पारण के बगहा में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बगहा-खैरपोखरा रेलखंड पर एक घायल जंगली जानवर दिखाई दिया। शरीर पर धब्बे होने की वजह से ग्रामीणों ने उसे पहले तेंदुए का शावक समझ लिया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन वन विभाग की जांच में पूरा मामला कुछ और ही निकला। सूचना मिलते ही बगहा वन क्षेत्र की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच के बाद स्पष्ट किया कि वह तेंदुए का शावक नहीं, बल्कि दुर्लभ फिशिंग कैट  है। यह एक संरक्षित और दुर्लभ वन्यजीव है, जो सामान्यतः दलदली, नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में पाया जाता है।

वन विभाग ने घायल फिशिंग कैट का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे उपचार के लिए वन परिसर भेज दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, उसके शरीर पर गंभीर चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन वह काफी कमजोर और सहमी हुई थी।बगहा रेंजर श्रीमान मालकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका है कि फिशिंग कैट किसी ट्रेन की हल्की चपेट में आ गई होगी या फिर तेज रफ्तार ट्रेन के गुजरने से उसे मानसिक आघात पहुंचा होगा। इसी कारण वह चलने-फिरने में असहज दिखाई दे रही थी।

वन विभाग का कहना है कि फिलहाल विशेषज्ञों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह सुरक्षित वातावरण में लौट सके।

बरसात के मौसम में जंगलों और निचले इलाकों में जलभराव बढ़ने के कारण जंगली जीव अक्सर रिहायशी इलाकों या रेलवे ट्रैक की ओर भटक जाते हैं। ऐसे में वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के दिखने पर उसे घेरने या परेशान करने के बजाय तुरंत विभाग को सूचना दें।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वन्यजीवों की पहचान को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है। समय रहते वन विभाग की सक्रियता से दुर्लभ फिशिंग कैट की जान बच गई, जो क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

रिपोर्ट- नागेंद्र प्रसाद