NEET पेपर लीक पर बेतिया में छात्र-युवाओं का हुंकार: AISF और AIYF ने निकाला विशाल प्रतिरोध मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

नीट पेपर लीक मामले को लेकर पूरे देश में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इधर पश्चिम चंपारण में भी इस मामले को लेकर छात्र-छात्राओं में आक्रोश व्याप्त है। शुक्रवार को AISF और AIYF के राज्यव्यापी आह्वान के तहत शहर में एक विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला....

NEET पेपर लीक पर बेतिया में छात्र-युवाओं का हुंकार: AISF और
NEET पेपर लीक पर बेतिया में छात्र-युवाओं का हुंकार- फोटो : आशिष

Bettiah : नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर पश्चिम चंपारण के बेतिया में छात्र-युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। अखिल भारतीय छात्र संघ (AISF) और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) के राज्यव्यापी आह्वान के तहत बेतिया शहर में एक विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला गया। शहीद पार्क से शुरू हुआ यह उग्र मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जिला पदाधिकारी (DM) कार्यालय पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।


छात्रों पर लाठीचार्ज और मुकदमों के विरोध में सड़कों पर उतरे युवा

यह प्रतिरोध मार्च नीट पेपर लीक के विरोध के साथ-साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, दर्ज मुकदमों और गिरफ्तारियों के खिलाफ निकाला गया था। मार्च के दौरान "शिक्षा बचाओ–भविष्य बचाओ", "पेपर लीक बंद करो", "छात्रों पर दमन बंद करो", "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" और "गिरफ्तार छात्रों को तुरंत रिहा करो" जैसे नारों से पूरा बेतिया शहर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय छात्रों की आवाज दबाने में लगी है।


लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए छात्र-युवा नेताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक ने देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य और मेहनत के साथ सरासर विश्वासघात किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र न्याय और पारदर्शिता की मांग को लेकर सड़कों पर उतरते हैं, तो उन पर पुलिसिया लाठीचार्ज कराया जाता है, फर्जी मुकदमे लादे जाते हैं और उन्हें जेल भेजा जाता है। यह युवाओं के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा दमन है।


केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और न्यायिक जांच की उठी प्रमुख मांग

AISF और AIYF ने संयुक्त रूप से मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस नाकामी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। इसके साथ ही नीट पेपर लीक की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच कराकर मुख्य दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए। छात्र नेताओं ने आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को अविलंब वापस लेने, गिरफ्तार छात्रों को बिना शर्त रिहा करने और प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों पर न्यायिक जांच कर कार्रवाई करने की मांग की।


सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद, पुलिस बल रहा अलर्ट पर

प्रतिरोध मार्च और प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से बेतिया शहर में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शहीद पार्क से लेकर समाहर्ता कार्यालय तक भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही और पुलिस प्रशासन पूरे कार्यक्रम के दौरान हाई अलर्ट पर रहा। छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।


आशिष की रिपोर्ट