मां काली मंदिर के पुन: नवनिर्माण और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आगाज, हजारों श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा

मां काली मंदिर के पुन: नवनिर्माण और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव
मां काली मंदिर के पुन: नवनिर्माण और प्राण प्रतिष्ठा को लेकर निकाली गई कलश यात्रा- फोटो : आशीष

Bettiah : पश्चिम चंपारण के ऐतिहासिक बानूछापर स्थित संत कबीर रोड पर मां काली मंदिर के पुन: नवनिर्माण और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर शनिवार को पूरा शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। इस पावन अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और कन्या श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। गाजे-बाजे और जयकारों के साथ निकली इस यात्रा से पूरे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।


कलश यात्रा की शुरुआत बानूछापर स्थित मां काली मंदिर परिसर से हुई। यहां से श्रद्धालुओं का जत्था शहर के विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए कालीधाम मंदिर पहुंचा। कालीधाम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने कलशों में पवित्र जल भरा और पुनः पदयात्रा करते हुए बानूछापर मंदिर पहुंचे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम दिखे।


आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर में मूर्ति स्थापना को लेकर विधि-विधान से पूजा-पाठ शुरू कर दिया गया है। आगामी 12 मई को मंदिर परिसर में अष्टयाम का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। इसी दिन पंचमुखी महावीर जी की प्रतिमा, शिवलिंग सह पिंडी और मां काली की भव्य प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। अनुष्ठान को सफल बनाने के लिए विद्वान पंडितों की टोली जुटी हुई है।


धार्मिक कार्यक्रम के समापन के अवसर पर 13 मई को भव्य भंडारे और कुंवारी पूजन का आयोजन किया जाएगा। आयोजनकर्ताओं के अनुसार, इस विशाल भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की संभावना है, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर स्थानीय लोगों और भक्तों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है।


कलश यात्रा के दौरान पूरा शहर 'जय माता दी' और भक्ति गीतों की धुनों से गूंजता रहा। जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। बेतिया में आयोजित यह भव्य समारोह आस्था और धार्मिक परंपराओं की एक नई मिसाल पेश कर रहा है, जिसने बानूछापर सहित आसपास के कई इलाकों को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया है।


आशिष कुमार की रिपोर्ट