सिलेंडर विस्फोट में घायल महिला की मौत के बाद एनएच 727 पर प्रदर्शन, प्रशासन के आश्वासन पर शांत हुए परिजन

एक मटन दुकान में मटन भूनने के दौरान हुए सिलेंडर विस्फोट में झुलसी 26 वर्षीय घूइल देवी की मौत हो गई। मौत के बाद आक्रोशित परिजन शव को ट्रैक्टर पर लेकर लौरिया बगहा एनएच 727 मुख्य पथ पर पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

सिलेंडर विस्फोट में घायल महिला की मौत के बाद एनएच 727 पर प्र

Bettiah : पश्चिम चम्पारण के लौरिया में बीते 26 फरवरी को हुए भीषण सिलेंडर विस्फोट मामले में एक घायल महिला की मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। शुक्रवार को परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर एनएच 727 को जाम कर दिया। हालांकि, पुलिस और अंचलाधिकारी की सूझबूझ से कुछ ही देर में जाम को समाप्त करवा लिया गया।

इलाज के दौरान दम तोड़ने के बाद सड़क पर उतरे परिजन

बीते 26 फरवरी को लौरिया में एक मटन दुकान में मटन भूनने के दौरान हुए सिलेंडर विस्फोट में झुलसी 26 वर्षीय घूइल देवी की मौत हो गई। मौत के बाद आक्रोशित परिजन शव को ट्रैक्टर पर लेकर लौरिया बगहा एनएच 727 मुख्य पथ पर पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मृतका चौतरवा थाना क्षेत्र के धर्माकता गांव निवासी संजय पंडित की पत्नी थी।

प्रशासनिक सूझबूझ से टला बड़ा विवाद

सड़क जाम की सूचना मिलते ही लौरिया थानाध्यक्ष और अंचलाधिकारी (CO) नीतेश कुमार सेठ तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में वार्ता की और उन्हें उचित सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिया। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले जाने को राजी हुए और कुछ ही देर में यातायात सामान्य हो गया।

दो मासूम बच्चियां अब भी लड़ रही हैं जिंदगी की जंग

इस हादसे का दर्द अभी कम नहीं हुआ है। मृतका की तीन वर्षीय पुत्री बेबी और उसकी नन्द की चार वर्षीय पुत्री रंजू कुमारी की हालत अब भी अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। दोनों बच्चियां गोरखपुर के एक अस्पताल में मौत से जंग लड़ रही हैं। परिजनों में इस बात को लेकर गहरा दुख और चिंता व्याप्त है।

गोरखपुर में इलाज के दौरान हुई मौत

लौरिया अंचलाधिकारी नीतेश कुमार सेठ ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विस्फोट के बाद करीब डेढ़ दर्जन लोग झुलस गए थे। इनमें से एक दर्जन को बेतिया जीएमसीएच रेफर किया गया था, जिनमें से चार की नाजुक स्थिति को देखते हुए पटना पीएमसीएच रेफर किया गया। हालांकि, परिजन बेहतर इलाज की उम्मीद में उन्हें गोरखपुर ले गए, जहाँ एक महिला ने दम तोड़ दिया।

सरकारी सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू

अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मृतका के परिजनों को सरकार द्वारा निर्धारित सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही राशि का भुगतान किया जाएगा। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अन्य घायलों के उपचार के संदर्भ में भी संवेदनशील है।


रिपोर्ट: आशिष कुमार, बेतिया (पश्चिम चम्पारण)