Bihar Flood: ब्रह्मोत्तर बांध पर मंडराया बड़ा खतरा! 15 मीटर तक मिट्टी कटी, कई पंचायतों में बाढ़ का डर

Bihar Flood: भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने ब्रह्मोत्तर बांध की सुरक्षा को लेकर खतरे की घंटी बजा दी है।....

Bhagalpur Embankment at Risk 15m Erosion Triggers Flood Fear
ब्रह्मोत्तर बांध पर मंडराया बड़ा खतरा! - फोटो : social Media

Bihar Flood: भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने ब्रह्मोत्तर बांध की सुरक्षा को लेकर खतरे की घंटी बजा दी है। बारिश के कारण बांध में कई जगहों पर मिट्टी का कटाव हुआ है। सबसे गंभीर स्थिति एक स्थान पर बताई जा रही है, जहां करीब 15 मीटर तक मिट्टी कट जाने की सूचना सामने आई है।बांध की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भागलपुर समाहरणालय की जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने तत्काल संज्ञान लिया है। संबंधित विभागों को बांध की मरम्मत और कटाव रोकने के लिए फौरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

15 मीटर तक मिट्टी कटने से बढ़ी चिंता

जिला आपदा प्रबंधन शाखा की ओर से कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया और कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, नवगछिया को पत्र भेजा गया है।पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से हुई अत्यधिक बारिश के कारण ब्रह्मोत्तर बांध में लगभग 15 मीटर तक मिट्टी का कटाव हुआ है। इसके अलावा बांध के कई अन्य हिस्सों में भी मिट्टी कटने की जानकारी दी गई है।प्रशासन ने इसे गंभीर स्थिति मानते हुए बांध की आवश्यक मरम्मत को बेहद जरूरी बताया है।

बांध टूटा तो कई पंचायतों में घुस सकता है पानी

ब्रह्मोत्तर बांध की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि इसके क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में गोपालपुर प्रखंड की कई पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ सकती हैं।इतना ही नहीं, बांध को नुकसान पहुंचने पर प्रखंड कार्यालय में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने की आशंका जताई गई है। इससे सरकारी कामकाज के साथ-साथ बड़ी आबादी के सामने गंभीर संकट पैदा हो सकता है।यही वजह है कि जिला प्रशासन ने कटाव को रोकने और बांध को सुरक्षित रखने के लिए बिना देरी किए मरम्मत कार्य शुरू कराने पर जोर दिया है।

विभागों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश

जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने संबंधित अभियंताओं को मौके का जायजा लेकर आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित करने को कहा है। बांध की स्थिति को सुव्यवस्थित रखने और आगे होने वाले कटाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।पत्र की प्रतिलिपि गोपालपुर के अंचलाधिकारी तथा नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी भेजी गई है, ताकि वे भी स्थिति के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई कर सकें।

बारिश और गंगा के दबाव के बीच अहम है बांध की सुरक्षा

ब्रह्मोत्तर बांध क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच माना जाता है। लगातार बारिश के बीच बांध में हो रहा मिट्टी का कटाव प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती है। वहीं गंगा नदी के बढ़ते दबाव को देखते हुए बांध की निगरानी और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

अगर समय रहते कटाव को नहीं रोका गया तो स्थिति और विकट हो सकती है। ऐसे में प्रशासन का फोकस फिलहाल बांध को मजबूत करने और संभावित बाढ़ के खतरे को टालने पर है।15 मीटर तक मिट्टी कटने की सूचना ने खतरे का अंदेशा बढ़ा दिया है। अब नजर इस बात पर है कि विभाग कितनी तेजी से मरम्मत और कटावरोधी काम शुरू करता है। फिलहाल जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ब्रह्मोत्तर बांध की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है।

रिपोर्ट- बालमुकुंद कुमार