भागलपुर के किसानों को बड़ी राहत: जिलाधिकारी ने शुरू की 'स्पेशल नाव सेवा', फल, सब्जी और दूध लेकर आना होगा आसान
Bhagalpur : जिले के विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद से गंगा के दोनों ओर आवाजाही का संकट गहरा गया है। पुल पर यातायात बाधित होने से सबसे अधिक प्रभाव नवगछिया इलाके के उन किसानों पर पड़ रहा था, जो हर सुबह अपनी सब्जी और दूध बेचने भागलपुर शहर आते हैं। किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब एक बड़ा कदम उठाया है। जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने किसानों के लिए विशेष नाव सेवा संचालित करने का निर्णय लिया है।
सुबह के वक्त चलेंगी दो बड़ी नावें; पूरी तरह निःशुल्क होगी सेवा
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने घोषणा की है कि सुबह के समय विशेष रूप से किसानों के लिए दो बड़ी नावें चलाई जाएंगी। इन नावों को इस तरह से तैयार किया गया है कि किसान अपनी दूध की केन और सब्जी की टोकरियों के साथ सुरक्षित और सुलभ तरीके से गंगा पार कर सकें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी, ताकि गरीब किसानों पर आर्थिक बोझ न पड़े और शहर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित न हो।
स्थानीय किसानों ने किया फैसले का स्वागत; रोजमर्रा की परेशानी होगी कम
प्रशासन के इस निर्णय से नवगछिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों में खुशी की लहर है। स्थानीय किसानों का कहना है कि पुल खराब होने के बाद उन्हें भागलपुर पहुँचने में घंटों लग रहे थे और निजी नाव संचालकों को मोटी रकम देनी पड़ रही थी। अब सरकारी नाव सेवा शुरू होने से उनका समय और पैसा दोनों बचेगा। किसानों ने इस त्वरित संज्ञान के लिए जिला प्रशासन और जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया है।
आम लोगों के लिए पहले से जारी है फ्री बोट सर्विस
गौरतलब है कि सेतु पर परिचालन प्रभावित होने के बाद से ही जिला प्रशासन आम लोगों की सुविधा के लिए निःशुल्क नाव सेवा पहले से ही चला रहा है। हालांकि, दूध और सब्जी के बड़े खेप के साथ आम नावों पर चढ़ने में किसानों को काफी दिक्कतें हो रही थीं। इसी तकनीकी समस्या को भांपते हुए प्रशासन ने अब अलग से बड़ी नावों की व्यवस्था की है। इससे घाटों पर होने वाली भीड़ को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
स्थिति सामान्य होने तक जारी रहेगी वैकल्पिक व्यवस्था
जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जब तक विक्रमशिला सेतु की मरम्मत पूरी नहीं हो जाती और यातायात सुचारू नहीं होता, तब तक यह वैकल्पिक व्यवस्था जारी रहेगी। जिलाधिकारी स्वयं लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि नावों के परिचालन में सुरक्षा मानकों का पालन हो और किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो। इस पहल से न केवल किसानों को राहत मिली है, बल्कि भागलपुर शहर के बाजारों में दूध और ताजी सब्जियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी।
बालमुकुंद की रिपोर्ट