Bihar News : भागलपुर में अवैध आरा मिलों पर वन विभाग का बड़ा एक्शन, दो स्थानों पर टीम ने की छापेमारी, मशीनें और कीमती लकड़ियां किया जब्त
Bihar News : भागलपुर वन प्रमंडल के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने पर्यावरण और वन संपदा को नुकसान पहुँचाने वाले अवैध आरा मिलों के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है।
BHAGALPUR : भागलपुर वन प्रमंडल के निर्देश पर मंगलवार को वन विभाग की टीम ने पर्यावरण और वन संपदा को नुकसान पहुँचाने वाले अवैध आरा मिलों के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। वन विभाग ने कड़े तेवर दिखाते हुए जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई से अवैध रूप से लकड़ी का कारोबार करने वाले माफियाओं और मिल संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है।
यह पूरी कार्रवाई वन क्षेत्र पदाधिकारी कुमार गौतम के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम द्वारा अंजाम दी गई। वन विभाग की टीम ने स्थानीय कजरैली एवं सजौर थाना पुलिस के सक्रिय सहयोग से भागलपुर वन प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नाथनगर प्रखंड के समौनी मोड़ तथा शाहकुंड प्रखंड के मलिकपुर हटिया में चल रहे अवैध आरा मिलों पर एक साथ धावा बोला। पुलिस बल की मौजूदगी के कारण मिल संचालकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सफल छापेमारी के दौरान वन विभाग ने दोनों अवैध ठिकानों से भारी मात्रा में सरकारी संपत्ति और कीमती लकड़ियाँ जब्त की हैं। बरामद सामानों में आरा मिलों में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनें, आरी ब्लेड के साथ-साथ भारी मात्रा में अवैध रूप से चीरी जा रही शीशम और सागवान जैसी कीमती लकड़ियां शामिल हैं। वन विभाग ने सभी जब्त सामानों और लकड़ियों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है।
इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने अवैध आरा मिल संचालकों के विरुद्ध 'बिहार काष्ठ चिरान अधिनियम' एवं 'भारतीय वन अधिनियम' की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। वन विभाग के अधिकारियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि भागलपुर जिले में अवैध आरा मिलों के संचालन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत आगे भी इस तरह का अभियान लगातार जारी रखेगा।
इस बड़े और सफल अभियान को धरातल पर उतारने में वन क्षेत्र पदाधिकारी कुमार गौतम के साथ-साथ वनपाल दिनेश कुमार सिंह, कुमार ज्ञानदीप तथा वनरक्षी आदित अभिनव, शुभम कुमार, अमरेश कुमार, आदित्य सिंह, नीरज कुमार, राकेश कुमार यादव, ब्यूटी विश्वास और सुबोध दास शामिल थे। इसके अतिरिक्त राजीव कुमार तथा वनकर्मी मोहम्मद नूर, कैलाश मंडल, बाबूलाल सहित भारी संख्या में अन्य कर्मियों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंजनी कश्यप की रिपोर्ट