भागलपुर में पुलिस-प्रशासन सबको मैनेज कर लेगा पासिंग गिरोह! ओवरलोडेड ट्रकों के मैनेज करने का ऑडियो वायरल

वायरल ऑडियो में पासिंग गिरोह के शख्स का दावा है कि वह एसएसपी, ट्रैफिक DSP, ट्रैफिक थाना और जीरोमाइल को मैनेज कर देगा.

Passing gangs in Bhagalpur
Passing gangs in Bhagalpur - फोटो : news4nation

Passing gangs in Bhagalpur : ओवरलोडेड ट्रकों से मोटी रकम वसूली और पासिंग गिरोह का काला खेल एक बार फिर से भागलपुर में सक्रिय हो रहा है. ओवरलोडेड ट्रकों के पासिंग के लिए बाकायदा 70 हजार से 80 हजार रुपए तक लिए जाते हैं. पासिंग गिरोह का दावा रहता है कि वे जिले के एसएसपी से लेकर डीएसपी और अन्य पुलिस-प्रशासन को मैनेज कर लेंगे. इंट्री पासिंग माफिया का ऐसा ही एक ऑडियो वायरल है जिसमें वह भागलपुर के अलग-अलग रूट का जिक्र करते हुए ओवरलोडेड ट्रकों के पास कराने की बातें कर रहा है. 


सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में पासिंग गिरोह के शख्स का दावा है कि वह एसएसपी, ट्रैफिक DSP, ट्रैफिक थाना और जीरोमाइल को मैनेज कर देगा. इसके बदले में 65 हजार, 70 हजार, 80 हजार रुपए के लेनदेन की बातें की जा रही हैं. यानी पासिंग माफिया जिले के एसएसपी तक को मैनेज करने का कथित दावा कर रहा है. पासिंग माफिया यह भी कहता है कि नवगछिया और विक्रमशिला सेतु के उस पार टीओपी को वह मैनेज नहीं करेगा. 


वहीं माइनिंग से जुड़े वाहनों की अवैध गतिविधि के सफल संचालन को कराने के लिए वह दावा करता है हम भी वह करा देंगे लेकिन आप जिससे करा रहे है उसी से कराएं. दोनों की बातचीत का तीन मिनट से जायदा के ऑडियो में मिनी हाईवा के परिचालन को लेकर भी बात होती है जिसमें उसके लिए अलग से राशि निर्धारित करने की बातें की जा रही हैं. लेकिन पासिंग माफिया डंके की चोट पर कहता है कि वह अपने क्षेत्र में सबौर से लेकर भागलपुर और पीरपैंती से घोंघा तक तक सब मैनेज करा देगा. 


दरअसल, इंट्री पासिंग की अवैध गतिविधि को लेकर कई बार इसकी शिकायत सामने आयी और कई बार बड़े-बड़े खुलासे भी हो चुके हैं. कुछ दिनों की सख्ती के बाद फिर से उसी ढर्रे पर सबकुछ चलने लगता है. इसमें कई बड़े माफिया के होने की बातें दबी जुबान में सामने आती हैं. लेकिन कार्रवाई के नाम पर ज्यादातर कुछ दिनों की सख्ती ही दिखती है. ऐसे में एक बार फिर से पासिंग माफिया का खेल भागलपुर से जोरशोर से शुरू हो चुका है. 


हालांकि वायरल ऑडियो की news4nation पुष्टि नहीं करता लेकिन ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि यह फरवरी महीने का है. इसमें दो लोगों की बातचीत में ओवरलोडेड ट्रकों के परिचालन पर काफी देर तक बात होती है. बिना किसी भय के पासिंग माफिया जीरोमाइल, सबौर, घोघा, पीरपैंती आदि में अपनी पहुंच होने की बातें करता है. 

धीरज पाराशर की रिपोर्ट