9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का होगा आयोजन, 31 बेंचों पर होगा मामलों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा
Bihar News : 9 मई को भागलपुर व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस बार लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 31 बेंचों का गठन किया गया है....
Bhagalpur : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार 9 मई को भागलपुर व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव रंजीता कुमारी ने बताया कि इस महा-अदालत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भागलपुर मुख्य न्यायालय के साथ-साथ नवगछिया और कहलगांव अनुमंडल न्यायालयों में भी लोक अदालत लगेगी, जहां वर्षों से लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
कुल 31 बेंचों का निर्धारण; जिला स्कूल में कटेंगे ट्रैफिक चालान
इस बार लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 31 बेंचों का गठन किया गया है। सचिव ने बताया कि भागलपुर में 22, नवगछिया में 7 और कहलगांव में 2 बेंच बैठाने का निर्णय लिया गया है। विशेष बात यह है कि ट्रैफिक चालान के मामलों के लिए भागलपुर के जिला स्कूल में 5 समर्पित बेंचें लगाई गई हैं। वहां परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि वाहन मालिक आसानी से अपने जुर्मानें का भुगतान कर मामलों को बंद करवा सकें।
जरूरत पड़ने पर बढ़ाई जाएंगी बेंचें; जिला प्रशासन के साथ समन्वय
सचिव रंजीता कुमारी ने स्पष्ट किया कि यदि वादकारियों की संख्या बढ़ती है, तो बेंचों की संख्या में तत्काल इजाफा किया जाएगा। नवगछिया और कहलगांव के न्यायिक अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि चालान और अन्य मामलों के दबाव को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त बेंचों की व्यवस्था रखें। जिला स्कूल में चालान काउंटर बनाने का उद्देश्य कोर्ट परिसर में भीड़ को कम करना और लोगों को सुगम वातावरण में कानूनी राहत प्रदान करना है।
बिजली बिल से लेकर बैंक लोन तक; एक छत के नीचे सुलझेंगे विवाद
कोर्ट कंपाउंड में लगने वाली अन्य बेंचों पर विभिन्न श्रेणियों के मामलों की सुनवाई होगी। इसमें मुख्य रूप से बिजली बिल के विवाद, बैंक ऋण (लोन) से संबंधित मामले, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, दीवानी मामले और शमनीय आपराधिक मामलों का निपटारा किया जाएगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों और बैंक प्रबंधकों को भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है ताकि मौके पर ही समझौते की राशि तय की जा सके और मामले का निष्पादन हो।
वादकारियों से अपील: लोक अदालत का लाभ उठाएं और मुकदमों से मुक्ति पाएं
प्राधिकार की सचिव ने आम जनता और वादकारियों से अपील की है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं। लोक अदालत में होने वाले फैसले की कोई अपील नहीं होती और इसमें समय व धन दोनों की बचत होती है। उन्होंने कहा कि "सुलह-समझौते के आधार पर न्याय" के इस सिद्धांत से समाज में समरसता बढ़ती है। जो लोग अपने मामलों का निपटारा चाहते हैं, वे कल सुबह निर्धारित समय पर संबंधित बेंचों के समक्ष उपस्थित होकर अपने विवादों का अंत कर सकते हैं।
बालमुकुंद की रिपोर्ट