भागलपुर में लैंड माफिया और अधिकारियों का 'नेक्सस' बेनकाब! करोड़ों की जमीन का फर्जीवाड़ा, सीओ-आर समेत 5 पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज
नवगछिया न्यायालय में गोपालपुर सीओ और राजस्व कर्मचारी पर करोड़ों की जमीन के अवैध नामांतरण का मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता ने लगाया अधिकारियों पर रिश्वतखोरी और साजिश का आरोप। केस दर्ज होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
Bhagalpur - नवगछिया न्यायालय में गोपालपुर अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व कर्मचारी सहित पांच लोगों के खिलाफ पुश्तैनी जमीन के अवैध नामांतरण और धोखाधड़ी को लेकर नालसीवाद दर्ज कराया गया है। यह मामला करोड़ों रुपये की संपत्ति के गबन और सरकारी पद के दुरुपयोग से जुड़ा है।
करोड़ों की जमीन और अवैध नामांतरण का खेल
शिकायतकर्ता कुमारी ममता सिंह का आरोप है कि धरहरा मौजा स्थित उनकी पुश्तैनी जमीन (खेसरा संख्या 529 एवं 526), जिसकी बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये है, उसे उनकी ननद रिंकी देवी ने बिना किसी अधिकार के गैर-कानूनी तरीके से विकास कुमार भारती और शुभम कुमार को बेच दिया। आरोप है कि गोपालपुर के अंचलाधिकारी रोशन कुमार और हल्का कर्मचारी बबलू कुमार ने भारी रिश्वत लेकर, ममता सिंह की घोर आपत्ति के बावजूद, नियमों के विरुद्ध जाकर इस जमीन का दाखिल-खारिज (नामान्तरण) आदेश पारित कर दिया।
अधिकारियों पर मिलीभगत और साजिश का आरोप
न्यायालय में दाखिल परिवाद के अनुसार, पीड़िता ने नामांतरण वाद के दौरान अंचल कार्यालय में लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन अधिकारियों ने उसे दरकिनार कर दिया। पीड़िता का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद उनके पास भरण-पोषण के लिए यही एकमात्र सहारा था। अब अभियुक्तों द्वारा अपराधियों के बल पर उनकी जमीन पर लगी फसल को लूटने और शेष बची संपत्ति को हड़पने की साजिश रची जा रही है।
पुलिस द्वारा मामला दर्ज न करने पर न्यायालय की शरण
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने इस घटना की शिकायत सबसे पहले गोपालपुर थाना पुलिस से की थी। हालांकि, पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया और उन्हें झंडापुर थाना भेज दिया। प्रशासनिक और पुलिसिया स्तर पर सुनवाई न होने से लाचार होकर उन्हें न्याय के लिए नवगछिया कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
अंचलाधिकारी ने आरोपों को नकारा
दूसरी ओर, गोपालपुर अंचलाधिकारी रोशन कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि नामांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह से राजस्व अभिलेखों और नियमों के तहत विधिसम्मत तरीके से की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या पद का दुरुपयोग नहीं हुआ है।
क्षेत्र में चर्चा और प्रशासनिक साख पर सवाल
यह मामला स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा में है, क्योंकि हाल के दिनों में भागलपुर जिले के अन्य अंचलाधिकारियों पर भी इसी तरह के आरोप लगे हैं। कुमारी ममता सिंह द्वारा दायर इस केस में अब न्यायालय की अगली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।