Bihar Teacher News : ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर हाजिरी का 'खेल' भारी पड़ा, भागलपुर में दो विशिष्ट शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस, 24 घंटे का मिला अल्टीमेटम
Bihar Teacher News : भागलपुर में डीपीओ ने दो अलग-अलग प्रखंडों के 'विशिष्ट शिक्षकों' को डिजिटल अटेंडेंस में गंभीर अनियमितता बरतने के आरोप में कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है। उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया है......पढ़िए आगे
BHAGALPUR : बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए 'ई-शिक्षाकोष पोर्टल' की मॉनिटरिंग अब बेहद सख्त हो गई है। डिजिटल हाजिरी दर्ज करने में लापरवाही, लेटलतीफी और हेरफेर करने के मामलों पर भागलपुर जिला शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा दो अलग-अलग प्रखंडों के 'विशिष्ट शिक्षकों' को डिजिटल अटेंडेंस में गंभीर अनियमितता बरतने के आरोप में कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने दोनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का अल्टीमेटम दिया है।
पहला मामला पीरपैंती प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय आमापुर का है। कार्यालय द्वारा जारी पत्रांक 3249 दिनांक 23.05.2026 के अनुसार, यहाँ कार्यरत विशिष्ट शिक्षक श्री विकास कुमार की मई 2026 की अटेंडेंस रिपोर्ट में भारी गड़बड़ी पाई गई है। जाँच में सामने आया कि शिक्षक द्वारा लगभग हर दिन विद्यालय में काफी विलम्ब से इन-टाइम दर्ज किया गया। इसके अलावा, 02 मई से 23 मई 2026 तक के कुल 17 दिनों के रिकॉर्ड में से 15 दिन स्कूल से जाने का समय (Out Time) पोर्टल पर दर्ज ही नहीं था। विभाग ने इस पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे साफ परिलक्षित होता है कि आप विद्यालय में देर से आकर समय समाप्त होने के पूर्व ही प्रस्थान कर जाते हैं।
दूसरा मामला इस्माईलपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर (मुस्लिम टोला) का है। पत्रांक 3250 दिनांक 23.05.2026 के तहत यहाँ कार्यरत विशिष्ट शिक्षक श्री कृष्ण कान्त कुमार पर कार्रवाई की गई है। उनकी अप्रैल और मई 2026 की अटेंडेंस रिपोर्ट में चालाकी पकड़ी गई है। शिक्षक ने अप्रैल महीने में लगातार तीन दिनों तक—22, 23 और 24 अप्रैल को स्कूल आने का समय तो दर्ज किया, लेकिन स्कूल से जाने के समय (Out Time) वाले कॉलम में 'Office work' (कार्यालय कार्य) अंकित कर दिया। इसके अलावा मई महीने में भी कई तिथियों को उनकी लेटलतीफी पकड़ी गई। विभाग के अनुसार, शिक्षक देर से स्कूल आकर हाजिरी बनाते थे और फिर ऑफिस वर्क का बहाना दिखाकर स्कूल से गायब रहते थे।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने दोनों ही मामलों को घोर स्वेच्छाचारिता, मनमानापन और शिक्षा विभाग को दिग्भ्रमित (गुमराह) करने की श्रेणी में रखा है। विभाग ने साफ किया है कि डिजिटल तकनीक से छेड़छाड़ या एब्सेंटिज्म (अनुपस्थिति) को छिपाने के इस प्रयास को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई से जिले के अन्य शिक्षकों में भी हड़कंप मच गया है। शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर अपना लिखित स्पष्टीकरण कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो यह माना जाएगा कि उन्हें अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है और उनके विरुद्ध तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस नोटिस की प्रतिलिपि संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), भागलपुर को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।
बालमुकुन्द की रिपोर्ट