Bihar Crime : भागलपुर स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी ने की कार्रवाई, भारी मात्रा में गांजे के साथ दो महिला तस्करों को किया गिरफ्तार
BHAGALPUR : रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने आपसी समन्वय का एक और शानदार उदाहरण पेश करते हुए भागलपुर रेलवे स्टेशन पर नशीले पदार्थों की तस्करी के बड़े प्रयास को विफल कर दिया है। एक विशेष अभियान के दौरान पुलिस टीम ने दो महिला तस्करों को भारी मात्रा में गांजे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों में खलबली है।
6 किलो गांजा बरामद, दिल्ली ले जाने की थी तैयारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार की गई दोनों महिलाओं के पास से कुल 6 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। पकड़ी गई महिलाएं भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत छोटी परबत्ता, इस्माइलपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वे गांजे की इस खेप को ट्रेन के जरिए दिल्ली ले जाने की फिराक में थीं, लेकिन समय रहते पुलिस की सक्रियता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
बेहतर तालमेल से मिल रही सफलता
मामले की जानकारी देते हुए रेल एसपी ने मीडिया को बताया कि पिछले 15 दिनों से आरपीएफ और जीआरपी के बीच तालमेल काफी बेहतर हुआ है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी साझा रणनीति के कारण अवैध गतिविधियों पर लगातार प्रहार किया जा रहा है। एसपी ने याद दिलाया कि हाल ही में पुलिस ने हथियारों की बड़ी खेप बरामद की थी और सुल्तानगंज में एक शातिर चेन स्नैचर को भी दबोचा गया था।
पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी
रेल एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस केवल इन गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तस्करी के पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय हमेशा अपराधियों के लिए काल साबित होता है। इस कार्रवाई के बाद अब विभाग तस्करी के मुख्य सरगनाओं तक पहुँचने की रणनीति बना रहा है ताकि स्टेशन को अवैध गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त रखा जा सके।
बड़े गिरोह की तलाश में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इन महिलाओं के पीछे कौन सा बड़ा गिरोह सक्रिय है और इस धंधे का मुख्य केंद्र कहाँ है। जाँच का मुख्य बिंदु यह भी है कि क्या ये महिलाएं पेशेवर तस्कर हैं या केवल पैसों के लालच में 'कैरियर' (माल पहुँचाने वाली) के रूप में काम कर रही थीं। पुलिस को उम्मीद है कि इन महिलाओं से मिलने वाली लीड के आधार पर जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हो सकेंगी।
बालमुकुन्द की रिपोर्ट