Bihar News: CHC के प्रभारी समेत कई डॉक्टर-कर्मी गायब, डीएम मैडम ने 3 कर्मचारियों को नाप दिया
Bihar News:जिला पदाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटाढ़ी का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुई इस कार्रवाई में अस्पताल की व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने स्वास्थ्य महकमे में खलबली मचा दी। ...
Buxer: स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त तेवर दिखाए हैं। शनिवार को जिला पदाधिकारी, बक्सर साहिला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटाढ़ी का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुई इस कार्रवाई में अस्पताल की व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने स्वास्थ्य महकमे में खलबली मचा दी। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत कई डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपने ड्यूटी स्थल से गैरहाजिर मिले।औचक निरीक्षण में सिर्फ कर्मचारियों की गैरहाजिरी ही नहीं, बल्कि अस्पताल की साफ-सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की हालत भी संतोषजनक नहीं पाई गई। जिला प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई क फरमान जारी किया है।
जिला पदाधिकारी ने अनुपस्थित चिकित्सकों को लेकर सिविल सर्जन को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिस तारीख को डॉक्टर गैरहाजिर मिले, उस दिन का वेतन भुगतान स्थगित किया जाए और संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण लिया जाए।ड़ा प्रहार उन कर्मियों पर हुआ, जिनके बारे में लगातार अनधिकृत अनुपस्थिति सामने आई। स्वास्थ्य प्रबंधक, BCM और लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वहीं लगातार गैरहाजिर पाए गए चार ममता कार्यकर्ताओं को चयन मुक्त करने का आदेश दिया गया है। एक ममता कार्यकर्ता द्वारा अग्रिम उपस्थिति दर्ज किए जाने के मामले में भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला पदाधिकारी ने साफ कहा कि अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मियों की अनुपस्थिति को लेकर पहले भी सूचनाएं मिलती रही हैं। बैठकों के दौरान समय पर अस्पताल पहुंचकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कर्मियों का ड्यूटी से गायब मिलना अत्यंत गंभीर मामला है।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की दवा व्यवस्था भी जांच के दायरे में रही। दवाओं के स्टॉक और वितरण की जानकारी ली गई। फार्मासिस्ट को निर्देश दिया गया कि माहवार एक्सपायरी होने वाली दवाओं की सूची तैयार कर रखी जाए। जिन दवाओं की एक्सपायरी नजदीक है, उन्हें उपयोग से हटाकर नियमानुसार निस्तारण किया जाए और समय रहते उपयोग योग्य दवाओं का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकारी दवाएं एक्सपायर होकर बर्बाद न हों।साफ-सफाई और पेयजल की खराब स्थिति को लेकर भी सिविल सर्जन और जिला कार्यक्रम प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही जिला पदाधिकारी ने चिकित्सकों और कर्मियों की समय पर उपस्थिति, दवाओं तथा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता की लगातार समीक्षा कराने का निर्देश दिया। लेकिन इटाढ़ी CHC की कार्रवाई के बाद अब सदर अस्पताल बक्सर को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के हवाले से चिकित्सकों की कमी और कुछ डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति को लेकर गंभीर दावे सामने आ रहे हैं। हालांकि इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और ऐसे मामलों में विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
सदर अस्पताल में बच्चों के विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। अगर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी या नियमित अनुपस्थिति की बात सही निकलती है तो यह सीधे नवजात बच्चों की चिकित्सा व्यवस्था से जुड़ा बेहद गंभीर विषय होगा।अब निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिक गई हैं। सवाल उठ रहा है कि जिस तरह इटाढ़ी CHC में औचक निरीक्षण कर डॉक्टरों और कर्मियों की वास्तविक उपस्थिति जांची गई, क्या इसी तरह सदर अस्पताल बक्सर का भी अचानक निरीक्षण होगा?
संदीप वर्मा की रिपोर्ट