Patna Sigori Police Station Case:हाजत में युवक की आत्महत्या के बाद SSP की बड़ी कार्रवाई, थानाध्यक्ष समेत 2 पर गिरी गाज

पालीगंज अनुमंडल के सिगोड़ी थाने की हाजत में बंद 30 वर्षीय अजय मांझी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिगोड़ी थानेदार तनेश पायल और चौकीदार को निलंबित कर दिया है।

Patna Sigori Police Station custodial death Case
SSP पटना द्वारा थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित- फोटो : Reporter

पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल स्थित सिगोड़ी थाने की हाजत में बंद एक कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गया जिले के चाकन गांव निवासी 30 वर्षीय अजय मांझी के रूप में हुई है। अजय मांझी ने सुबह के समय थाने के बाथरूम में अपने गमछे का फंदा बनाकर यह खौफनाक कदम उठाया।इस पूरे मामले पर पटना पश्चिम सिटी एसपी संकेत कुमार ने बताया कि ईंट भट्ठा मालिक शरद यादव और अजय मांझी के बीच पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद में शरद यादव ने थाने में आवेदन दिया था। परिवार के लोगों ने ईंट भट्ठा मालिक पर मारपीट कर हत्या का आरोप भी लगाया है।   

     

मारपीट के आरोप में पूछताछ के लिए लाया गया था थाना

जानकारी के अनुसार, बीती रात सिगोड़ी पुलिस को ईंट भट्ठा मालिक शरद यादव से एक आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसमें पैसों के विवाद को लेकर मारपीट की बात कही गई थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस अजय मांझी और उसके दो अन्य साथियों को हिरासत में लेकर थाने आई थी और तीनों को अन्य कैदियों के साथ हाजत में रखा गया था।


घटना के बाद एम्स ले जाया गया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

सुबह करीब 4 बजे ड्यूटी पर मौजूद चौकीदार को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तुरंत ही अजय मांझी को इलाज के लिए पटना एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, पटना पश्चिम सिटी एसपी संकेत कुमार और पालीगंज अनुमंडल के पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।


थानेदार और चौकीदार निलंबित, अन्य पुलिसकर्मियों की जांच शुरू

कस्टडी में मौत के इस बेहद गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एसएसपी पटना ने सिगोड़ी थानेदार तनेश पायल और संबंधित चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात ओडी (OD) ऑफिसर और अन्य पुलिस कर्मियों की भूमिका की भी गहनता से विभागीय जांच की जा रही है।

पालीगंज से ऋषिकेश की रिपोर्ट