बालू माफिया के दुस्साहस का चरम : खनन टीम पर जानलेवा हमला, गाड़ी के उडाये परखच्चे
बिहार के सारण जिले में बालू माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने सरेआम प्रशासन को चुनौती दे डाली है। छपरा के जगदम कॉलेज ढाला के पास अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को पकड़ने गई खनन विभाग की टीम पर 20-25 हमलावरों ने अचानक धावा बोल दिया।
बिहार के सारण जिले में बालू माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने सरेआम प्रशासन को चुनौती दे डाली है। छपरा के जगदम कॉलेज ढाला के पास अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को पकड़ने गई खनन विभाग की टीम पर 20-25 हमलावरों ने अचानक धावा बोल दिया। माफियाओं ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि ईंट-पत्थरों से हमला कर विभाग की गाड़ी के परखच्चे उड़ा दिए। इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।
घेराबंदी कर सरकारी गाड़ी पर बरसाए ईंट-पत्थर
सदर एसडीओ नितेश कुमार के अनुसार, खनन विभाग की टीम ने अवैध बालू ले जा रहे एक ट्रैक्टर को जब्त किया था। जब टीम ट्रैक्टर को लेकर लौट रही थी, तभी जगदम कॉलेज ढाला के पास रेलवे क्रॉसिंग पर हमलावरों ने उनकी स्कॉर्पियो को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावरों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से गाड़ी पर ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे गाड़ी की बॉडी और शीशे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
जान बचाने को गाड़ी में दुबके रहे अधिकारी
अचानक हुए इस हमले से खनन विभाग और पुलिस की टीम कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गई। हमलावरों की संख्या अधिक होने के कारण टीम के सदस्य अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी के भीतर ही शीशे बंद कर बैठे रहे। उपद्रवियों ने चारों तरफ से घेरकर गाड़ी पर हमला जारी रखा। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद कर्मियों को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया गया है।
संदिग्ध का मोबाइल बना जांच का अहम सुराग
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की। जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक संदिग्ध व्यक्ति का मोबाइल फोन लगा है, जो हमलावरों में से किसी का बताया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड्स और डेटा के जरिए हमलावरों की पहचान करना और उन तक पहुँचना काफी आसान हो जाएगा। पुलिस अब इस तकनीकी साक्ष्य के आधार पर छापेमारी कर रही है।
DIG की चेतावनी: दोषियों को किसी हाल में नहीं बख्शेंगे
सारण के डीआईजी निलेश कुमार ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मौके पर पुलिस बल की कमी का फायदा उठाकर हमलावर भाग निकले, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के जरिए उनकी पहचान की जा रही है। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि अवैध बालू कारोबार और इस हमले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।