'आधी रात को शराब के नशे में दी धमकी...'सारण में पुलिसिया दबंगई के खिलाफ SSP दफ्तर पहुंचा पीड़ित परिवार
सारण (छपरा) के गड़खा थाना क्षेत्र में पुलिस पर आधी रात को बिना वारंट घर में घुसने, बदसलूकी और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित ने सीसीटीवी फुटेज के साथ एसएसपी विनीत कुमार से न्याय की गुहार लगाई है।
बिहार के सारण जिले के गड़खा थाना क्षेत्र के महम्मदपुर गांव में आधी रात को पुलिसिया रौब और मनमानी का एक बड़ा मामला सामने आया है। गांव निवासी कांग्रेस कुमार ने स्थानीय पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विनीत कुमार को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। पीड़ित ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीते 17 जून 2026 की रात करीब 12 बजे गड़खा थाने की पुलिस बिना किसी सर्च वारंट और किसी दर्ज मुकदमे की जानकारी दिए उनके घर में जबरन दाखिल हो गई और पूरे परिवार के साथ बदसलूकी की।
सीसीटीवी में कैद हुई पुलिसिया कार्रवाई
आवेदन के अनुसार, पीड़ित परिवार के घर में जबरन घुसने वाली इस पुलिस टीम का नेतृत्व खुद गड़खा थाने के थानाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह कर रहे थे, जिनके साथ एक सब-इंस्पेक्टर और कई अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि पुलिस की इस पूरी दबंगई और अवैध सर्च ऑपरेशन की लाइव तस्वीरें घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई हैं। पीड़ित ने इस घटना का वीडियो साक्ष्य के रूप में वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराने और इसके आधार पर जांच करने की मांग की है ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।

शराब के नशे में दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप
शिकायतकर्ता कांग्रेस कुमार का आरोप है कि पुलिस अपने साथ एक कथित फर्जी दफादार और कुछ बाहरी अज्ञात लोगों को भी लेकर आई थी। तलाशी के दौरान न तो स्थानीय चौकीदार मौजूद था और न ही कोई महिला पुलिसकर्मी थी, फिर भी घर के कमरों को खंगाला गया। आरोप है कि छापेमारी दल में शामिल एक पुलिस पदाधिकारी शराब के नशे में धुत था, जिसने विरोध करने पर पूरे परिवार के साथ गाली-गलौज की। इतना ही नहीं, विरोध जताने पर पीड़ित के साथ हाथापाई की गई, उसकी गर्दन पकड़कर जबरन पुलिस वैन में बैठाने की कोशिश की गई और मोबाइल फोन भी छीन लिया गया, जिसे परिजनों के कड़े विरोध के बाद वापस किया गया।

झूठे केस में फंसाने की धमकी और अवैध कारोबार का कनेक्शन
पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें भविष्य में किसी भी आपराधिक मामले में झूठा फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई है। शिकायत में एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा गया है कि पुलिस जिस व्यक्ति को दफादार बताकर अपने साथ लाई थी, उसके सगे भतीजे द्वारा इलाके में अवैध शराब का काला कारोबार संचालित किया जाता है। शिकायतकर्ता ने इस अवैध धंधे के समर्थन में भी फोटो और वीडियो साक्ष्य होने का दावा किया है, जिससे इस पूरी छापेमारी के पीछे किसी बड़ी साजिश की बू आ रही है।
एसएसपी से न्याय की गुहार और जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने सारण के एसएसपी से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उन्होंने ड्यूटी के दौरान शराब पीने वाले पुलिसकर्मियों का मेडिकल टेस्ट कराने, बिना वारंट घर में घुसने और अवैध रूप से तलाशी लेने वाले दोषियों पर सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। साथ ही, पीड़ित ने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई बयान आया है। सच क्या है, यह तो विभागीय जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
रिपोर्ट - धर्मेन्द्र रस्तोगी