International Fuel Rate: कच्चे तेल में बड़ी गिरावट! क्या अब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? जानिए पूरा गणित
International Fuel Rate: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर के करीब पहुंच गया है। जानिए इसका पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है।
International Fuel Rate: कच्चे तेल की कीमतों में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर कूटनीतिक बातचीत शुरू होने के बाद मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका कम हुई है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में दबाव देखने को मिला। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत कारोबार शुरू होते ही 5 प्रतिशत से अधिक गिर गई। कुछ समय के लिए इसकी कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चली गई थी। बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी हुई और यह लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करने लगी। यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई।
पिछले 13 दिनों तक ईरान पर लगातार अमेरिकी हमलों के बाद शुक्रवार को अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। इसके बाद ईरान की सेना ने भी कहा कि उसने फिलहाल अपनी जवाबी कार्रवाई रोक दी है। इससे बाजार में तनाव कम हुआ और तेल की कीमतों पर दबाव बना। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बातचीत को मौका देना चाहते हैं। उनका मानना है कि यदि कोई कूटनीतिक समाधान निकल सकता है तो उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी कारण अमेरिका ने फिलहाल हमलों पर अस्थायी रोक लगा रखी है।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू
इस बार कतर और ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू हुई है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति और शिपिंग सामान्य रूप से जारी रह सकेगी। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है।आज के कारोबार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग 4.89 प्रतिशत गिरकर 91.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड करीब 5.5 प्रतिशत टूटकर 84.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह 23 जुलाई को अमेरिकी हमलों के बाद तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं और ब्रेंट क्रूड 100.69 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था। लेकिन अब तनाव कम होने से कीमतों में राहत देखने को मिल रही है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत से भारत को कैसे मिलेगा फायदा?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 से 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रहती है तो इसका फायदा भारत के उपभोक्ताओं को मिल सकता है। रेटिंग एजेंसी आईसीआरए और अन्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में सरकारी तेल कंपनियां आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती पर विचार कर सकती हैं। हालांकि अंतिम फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, टैक्स संरचना और तेल कंपनियों की लागत पर निर्भर करेगा। फिलहाल तेल बाजार की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता और मध्य पूर्व की स्थिति पर बनी हुई है.