Bihar Police: खाकी हुई शर्मसार! प्रेमी जोड़े से पैसे वसूलने वाले पुलिस वालों पर गिरी गाज, महिला सहित दो सिपाही संस्पेंड

Bihar Police: बिहार पुलिस एक बार फिर अपने करतूत को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। डायल 112 की गाड़ी पर बैठकर एक कपल से वसूली करने का वीडियो वायरल हुआ है जिसके बाद दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

संस्पेंड
दो सिपाही संस्पेंड - फोटो : social media

Bihar Police:  बिहार के छपरा से बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां प्रेमी जोड़े से पैसे वसूलने वाले दो पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। वीडियो वायरल होने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि ये पुलिसकर्मी प्रेमी जोड़े को पकड़ने के बाद उन्हें छोड़ने के लिए पैसों की मांग कर रहे थे। दरअसल वायरल वीडियो छपरा का बताया जा रहा था। मामले में नगर थाना में तैनात दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

बताया जा रहा है कि एक प्रसारित वीडियो में इंदु कुमारी नाम की महिला सिपाही एक कपल से कथित रूप से रुपये के लेन-देन को लेकर बातचीत करती हुई दिखाई दे रही हैं। प्रथम दृष्टया इसे अनुशासनहीनता और विभाग की छवि धूमिल करने वाला माना गया, जिसके बाद कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार 17 फरवरी की रात करीब 9:45 बजे नगर थाना के सरकारी मोबाइल पर यह वीडियो प्राप्त हुआ।

महिला सिपाही ले रही थी पैसा 

जांच में यह सामने आया कि आपात सेवा वाहन पर तैनात महिला सिपाही इंदु कुमारी किसी व्यक्ति से पैसों के लेन-देन को लेकर बातचीत करती हुई प्रतीत हो रही हैं। पूछताछ के दौरान महिला सिपाही ने बताया कि यह वीडियो करीब दो महीने पुराना है। उस दिन ड्यूटी पर जगदीश शर्मा (सहायक अवर निरीक्षक) और चालक सिपाही उमेश सिंह भी मौजूद थे।

प्रेमी जोड़े से वसूली की आशंका 

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंडक कॉलोनी के आसपास सुनसान इलाका होने के कारण अक्सर प्रेमी युगल वहां आते हैं। आरोप है कि एक ऐसे ही जोड़े को पकड़कर छोड़ने के बदले पैसे की मांग की गई थी। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद पुलिस की छवि पर असर पड़ने की बात कही जा रही है।

अनुशासनहीनता मानकर की गई कार्रवाई

मामले को गंभीर मानते हुए सहायक अवर निरीक्षक जगदीश शर्मा और महिला सिपाही इंदु कुमारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में दोनों को सामान्य जीवन-यापन भत्ता दिया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि विभागीय अनुशासन के खिलाफ किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।