तरैया में बवाल: 'मां इमरजेंसी हॉस्पिटल' को फर्जी बताकर सील करने की मांग, पेट दर्द के मरीज की पटना में गई जान

सारण से बड़ी खबर! तरैया थाना क्षेत्र के खराटी मथुरा चौक स्थित एक निजी अस्पताल पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगा है। पेट दर्द की शिकायत पर भर्ती कराए गए 32 वर्षीय युवक चंद्रशेखर की हालत बिगड़ने के बाद पटना में मौत हो गई।

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सारण जिले के तरैया में पेट दर्द के इलाज में युवक की हुई मौत, निजी नर्सिंग होम पर लापरवाही का आरोप- फोटो : Reporter

बिहार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी अस्पतालों की मनमानी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सारण जिले के तरैया थाना क्षेत्र के खराटी मथुरा चौक स्थित एक निजी नर्सिंग होम पर कथित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर आक्रोश जताया है। पेट दर्द और लगातार उल्टी की शिकायत लेकर भर्ती कराए गए 32 वर्षीय युवक की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने संबंधित अस्पताल को फर्जी बताते हुए उसे सील करने और दोषी चिकित्सक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


तीन दिनों तक सही इलाज न मिलने का आरोप

मृतक की पहचान तरैया थाना क्षेत्र के फेनहारा गांव निवासी मालिक राय के 32 वर्षीय पुत्र चंद्रशेखर कुमार यादव के रूप में हुई है। मृतक के भाइयों ने बताया कि 28 जून की शाम चंद्रशेखर को अचानक पेट में तेज दर्द और लगातार उल्टी होने लगी थी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में स्थानीय 'मां इमरजेंसी हॉस्पिटल' में भर्ती कराया गया। परिजनों का सीधा आरोप है कि अस्पताल में करीब तीन दिनों तक चंद्रशेखर को रखा गया, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार होने के बजाय लगातार गिरावट आती गई। जब मरीज की हालत बेहद नाजुक हो गई, तब अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।


पटना के डॉक्टरों ने की लापरवाही की बात, जांच होना शेष

गंभीर स्थिति में परिजन चंद्रशेखर को बेहतर इलाज के लिए पटना के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक के स्वजनों का दावा है कि पटना के डॉक्टरों ने भी माना कि प्रारंभिक उपचार में गंभीर लापरवाही बरती गई थी, जिस वजह से मरीज की हालत नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी। हालांकि, इस दावे की अब तक किसी सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी या आधिकारिक मेडिकल बोर्ड द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। युवक की मौत की खबर जैसे ही फेनहारा गांव पहुंची, पूरे इलाके में कोहराम मच गया और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।


पुलिस ने शांत कराया मामला, जांच और कार्रवाई का भरोसा

घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने संबंधित अस्पताल की वैधता की जांच करने, उसे तत्काल सील करने और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में ऐसे कई फर्जी नर्सिंग होम धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिन पर व्यापक जांच की जरूरत है। हंगामे की सूचना मिलते ही मसरख अंचल के पुलिस निरीक्षक इन्द्रदेव महतो और तरैया के अपर थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया।

रिपोर्ट - धर्मेन्द्र रस्तोगी