Bihar News : दरभंगा में मजदूरी विवाद बना जातीय हिंसा की वजह, SC/ST एक्ट के तहत 150 ब्राह्मणों पर दर्ज हुआ एफआईआर, 12 को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Bihar News : दरभंगा में मजदूरी विवाद बना जातीय हिंसा की वजह,

DARBHANGA : जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिनगर गांव में मजदूरी के बकाया पैसे को लेकर उपजा विवाद अब एक गंभीर जातीय टकराव में तब्दील हो गया है। 30 जनवरी से शुरू हुए इस विवाद ने देखते ही देखते हिंसा का रूप ले लिया, जिसमें मारपीट, घर में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो पक्षों के बीच भारी तनाव और झड़प की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं।

विवाद की मुख्य वजह 8 साल पुराना मजदूरी का बकाया बताया जा रहा है। पीड़ित पक्ष के बिक्रम पासवान का आरोप है कि केरल में हेमंत झा के यहाँ उनके भाई ने काम किया था, जिसका करीब 2 लाख 47 हजार रुपये बकाया था। 30 जनवरी को जब कैलाश पासवान ने बकाया राशि की मांग को लेकर रास्ते से गुजर रहे हेमंत झा के परिजनों को रोका, तो दोनों पक्षों में तीखी बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। ग्रामीणों की मध्यस्थता के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और पंचायत के दौरान भी स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

आरोप है कि 31 जनवरी को विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया और एक पक्ष के लोगों ने बड़ी संख्या में संगठित होकर पासवान टोले पर धावा बोल दिया। इस हमले के दौरान घरों और दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की गई और कीमती सामान लूट लिए गए। इस हिंसा में कुल 11 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 8 लोगों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए डीएमसीएच (DMCH) में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिवार ने अब सरकार से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) जगुनाथ रेड्डी ने खुद कमान संभाली है। उन्होंने पुष्टि की है कि इस मामले में अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। एसएसपी ने बताया कि पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ विवाद पंचायत के बाद हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस अब उन सभी चेहरों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने कानून को हाथ में लेकर घरों में घुसकर मारपीट की घटना को अंजाम दिया।

फिलहाल, गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। बिरौल डीएसपी और एसडीओ लगातार शांति समिति की बैठकें कर रहे हैं ताकि इलाके में भाईचारा बना रहे। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सीसीटीवी व वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, साथ ही यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को इस मामले में न फंसाया जाए।

वरुण ठाकुर की रिपोर्ट