Bihar News: बाबा कुशेश्वर नाथ मंदिर का पंच कलश टूटा, लोगों को सता रही बड़ी अनहोनी का डर, श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल
Bihar News: मिथिला क्षेत्र के प्रसिद्ध बाबा कुशेश्वर महादेव मंदिर के शिखर पर स्थापित पंच कलश तेज आंधी के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। 20 मार्च की शाम करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवा के चलते पंच कलश टूटकर शिखर पर ही लटक गया..
Bihar News: बिहार के दरभंगा में स्थित बाबा कुशेश्वर नाथ मंदिर के शिखर पर स्थापित पंच कलश तेज आंधी के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। 20 मार्च की शाम करीब 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी में कलश टूटकर शिखर पर ही लटक गया, जिससे श्रद्धालुओं के बीच चिंता और कौतूहल का माहौल बन गया है। मिथिला के बाबाधाम के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर में इस तरह की घटना हाल के वर्षों में पहली बार सामने आई है।
मंदिर परिसर में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले भी तेज आंधी आती रही है, लेकिन मंदिर के शिखर को इस तरह नुकसान कभी नहीं पहुंचा था। घटना के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। कई लोगों ने शिखर पर लटके पंच कलश की तस्वीरें अपने मोबाइल में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिसके बाद तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे अशुभ संकेत के रूप में देख रहे हैं।
जल्द होगा पुनः स्थापना का कार्य
मंदिर न्यास समिति के सचिव गोपाल चौधरी ने बताया कि पंच कलश को दोबारा स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में आचार्य कमलेश झा से चर्चा की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि आगामी पंचमी के दिन विधि-विधान के साथ, पुरोहितों, पुजारियों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में पंच कलश को पुनः शिखर पर स्थापित किया जाएगा। प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
कुशेश्वर नाथ महादेव की महत्ता
गौरतलब हो कि, यह बिहार के दरभंगा जिले में स्थित एक अत्यंत प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिर है। इसे 'मिथिला का बाबाधाम' भी कहा जाता है, क्योंकि इसकी धार्मिक महत्ता देवघर के बैद्यनाथ धाम के समान मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ के शिवलिंग की स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने की थी, जिस कारण इसका नाम 'कुशेश्वर' पड़ा। यहाँ का शिवलिंग 'स्वयंभू' (स्वयं प्रकट हुआ) माना जाता है। यह मंदिर दरभंगा जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर कुशेश्वर स्थान प्रखंड में स्थित है। भक्तों का विश्वास है कि यहाँ पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। विशेषकर सावन के महीने और महाशिवरात्रि पर यहाँ लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं।