डीएम जनता दरबार में उमड़ी फरियादियों की भीड़, मौके पर हुआ कई मामलों का हुआ ऑन-द-स्पॉट निष्पादन

डीएम के जनता दरबार में विभिन्न प्रखंडों से 50 से अधिक फरियादी पहुंचे। जिनमें भूमि विवाद, आवास, पेंशन और अवैध निर्माण से जुड़ी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.....

डीएम जनता दरबार में उमड़ी फरियादियों की भीड़, मौके पर हुआ कई
डीएम जनता दरबार में उमड़ी फरियादियों की भीड़- फोटो : विक्रमादित्य

Gayaji : जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर द्वारा जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न दूर-दराज के प्रखंडों से आए लगभग 50 से अधिक आमजनों ने पहुंचकर अपनी-अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। डीएम ने एक-एक फरियादी की बात को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


प्रमुख समस्याएं और मामलों पर त्वरित निर्देश

जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुआवजा, आरटीपीएस और शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न मामले सामने आए। इस दौरान दो प्रमुख मामलों पर प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया:

  • अवैध निर्माण की शिकायत: गया शहर के मगध मेडिकल कॉलेज थाना क्षेत्र अंतर्गत मगध कॉलोनी रोड निवासी मनोज प्रसाद ने अपने भाइयों पर बिना नक्शा पास कराए मकान निर्माण कराने और उसमें स्थानीय पुलिस व नगर निगम के अमीन की मिलीभगत का आरोप लगाया। इस मामले में डीएम ने गया नगर निगम के नगर आयुक्त को फौरन जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।


  • भूमि अधिग्रहण में अनियमितता: आवेदिका पूनम कुमारी ने गया हवाई अड्डा विस्तार परियोजना (कैट-1 लाइट अधिष्ठापन) के तहत भूमि अधिग्रहण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए आपत्ति आवेदन सौंपा। इस पर जिला पदाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई करने का आदेश दिया।


'समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता'


जिलाधिकारी ने जनता दरबार में मौजूद तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत दी कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण करना जिला प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य करने को कहा गया है।


विक्रमादित्य की रिपोर्ट