गयाजी आईजी कार्यालय में रक्षाबंधन का भावुक पल, पटना से गया पहुंची महिला ने मगध रेंज आईजी विकास वैभव को बांधी राखी

गयाजी स्थित मगध रेंज के आईजी कार्यालय में रक्षाबंधन के अवसर पर एक अनोखा और भावुक पल देखने को मिला। पटना की रहने वाली एक महिला केवल आईजी विकास वैभव को राखी बांधने के लिए विशेष रूप से गया पहुंचीं...

गयाजी आईजी कार्यालय में रक्षाबंधन का भावुक पल, पटना से गया प
आईजी विकास वैभव को राखी बांधने पटना से गयाजी पहुंची महिला- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : गयाजी स्थित मगध रेंज के आईजी कार्यालय में रक्षाबंधन के अवसर पर एक अनोखा और भावुक पल देखने को मिला। पटना की रहने वाली एक महिला केवल आईजी विकास वैभव को राखी बांधने के लिए विशेष रूप से गया पहुंचीं। आईजी कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान भाई-बहन के इस पवित्र और अटूट रिश्ते ने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।


कलाई पर सजी राखी और दिया स्नेह का संदेश 

महिला ने आईजी विकास वैभव को अपना भाई मानते हुए पूरे विधि-विधान से उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधा। इस दौरान उन्होंने आईजी का तिलक कर उनकी लंबी उम्र और सफल कार्यकाल की मंगलकामना की। पटना से गया आकर राखी बांधने की इस पहल से महिला ने समाज में पुलिस और आम जनता के बीच स्नेह, सम्मान और गहरे विश्वास का एक सकारात्मक संदेश दिया।


आत्मीय और भावुक हुआ कार्यालय का माहौल 

रक्षाबंधन के इस विशेष आयोजन से आईजी कार्यालय का माहौल पूरी तरह से आत्मीय और भावुक हो गया। वहां मौजूद अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी इस खास पल का स्वागत किया। वरिष्ठ प्रशासनिक पद पर तैनात एक अधिकारी के प्रति आम नागरिक के इस निस्वार्थ स्नेह और सम्मान की मौके पर मौजूद सभी लोगों ने सराहना की।


आईजी विकास वैभव ने जताया आभार और दी शुभकामनाएं 

राखी बंधवाने के बाद मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने महिला का सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस सम्मान और आत्मीयता के लिए धन्यवाद देते हुए अपनी बहन के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। आईजी ने कहा कि जनता का यही अटूट स्नेह और विश्वास पुलिस अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने की नई ऊर्जा प्रदान करता है।


समाज में भाईचारे और सुरक्षा के विश्वास की मिसाल 

पटना से गया तक का सफर तय कर राखी बांधने की यह पहल केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज में पुलिस और नागरिकों के बीच मधुर संबंधों की अनूठी मिसाल बनी। इस तरह के संवेदनशील आयोजनों से पुलिस प्रशासन की मानवीय छवि सामने आती है और आम लोगों के मन में सुरक्षा व अपनेपन का भाव और अधिक सुदृढ़ होता है।


मनोज की रिपोर्ट