बिस्तर पर चढ़ा कातिल करैत, पैर में डंसा और छीन ली मजदूर की जान, झाड़-फूंक के फेर में गई जिंदगी

Bihar News: देर रात एक दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियां उजाड़ दीं।...

Bihar Snakebite Tragedy Worker Dies After Treatment Delay
झाड़-फूंक के फेर में गई जिंदगी- फोटो : reporter

Bihar News:बिहार के जिले के शेरघाटी  चितावकला गांव में देर रात करैत सांप के डंसने से मजदूर उपेंद्र साव की मौत हो गई। बताया जाता है कि रात करीब दो बजे सोते समय सांप बिस्तर पर चढ़ गया और बाएं पैर में डंस लिया। परिजन अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराने में लग गए, जिससे इलाज में देरी हुई और उनकी मौत हो गई।

उपेंद्र परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी और चार नाबालिग बच्चे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गया भेज दिया है। सीओ उषा कुमारी ने पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया है।

घर में सो रहे मजदूर उपेंद्र साव को जहरीले करैत सांप ने डस लिया। वक्त पर इलाज मिलने के बजाय परिजन पहले झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ गए और इलाज में हुई देरी के चलते मजदूर की मौत हो गई।बताया जा रहा है कि रात करीब दो बजे उपेंद्र साव अपने बिस्तर पर सो रहे थे। इसी दौरान करैत सांप बिस्तर पर चढ़ आया और उनके बाएं पैर में डंस लिया। सांप के डंसने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी, लेकिन परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय कराने में लग गए। जब तक उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी।इलाज में देरी जिंदगी पर भारी पड़ी और उपेंद्र साव ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी मातम पसरा है।

उपेंद्र साव अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पत्नी और चार नाबालिग बच्चों के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। जिस शख्स की मेहनत से घर का चूल्हा जलता था, उसके चले जाने से परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस पूरे मामले की आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।वहीं अंचलाधिकारी उषा कुमारी ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिया है कि नियमानुसार सरकारी मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।इस घटना ने एक बार फिर जहरीले सांप के डंसने के बाद तुरंत चिकित्सकीय उपचार की जरूरत को सामने ला दिया है। सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचना ही जिंदगी बचाने का सबसे अहम रास्ता है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार