Bihar News: गयाजी बने बिहार की दूसरी राजधानी, कांग्रेस ने उठाई पुरजोर मांग, सियासी सरगर्मी बढ़ी

Bihar News: बिहार में एक बार फिर गयाजी को सूबे की दूसरी राजधानी बनाए जाने की मांग ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है।

Bihar News:  गयाजी बने बिहार की दूसरी राजधानी, कांग्रेस ने उ
गयाजी को दूसरी राजधानी बनाए जाने की मांग- फोटो : MANOJ

GAYAJI : बिहार में एक बार फिर गयाजी को सूबे की दूसरी राजधानी बनाए जाने की मांग ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि झारखंड के विभाजन के बाद जिस तरह रांची को एकीकृत बिहार की दूसरी राजधानी का दर्जा हासिल था, उसी तर्ज पर अब गयाजी को बिहार की दूसरी राजधानी बनाया जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गयाजी इसके लिए तमाम अहर्ताएं और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत रखता है।

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, दामोदर गोस्वामी, टिंकू गिरी, शिव कुमार चौरसिया, प्रद्युम्न दुबे, रूपेश चौधरी, अशोक राम और मुन्ना मांझी समेत अन्य नेताओं ने कहा कि गयाजी को दूसरी राजधानी बनाए जाने से मगध क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गयाजी को दूसरी राजधानी का दर्जा मिलने के बाद यहां प्रशासनिक और न्यायिक सुविधाओं का विस्तार होगा। पटना उच्च न्यायालय की बेंच स्थापित होने की संभावना से आम लोगों को न्याय के लिए पटना का रुख करने की परेशानी से निजात मिल सकती है। इसके साथ ही अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को एम्स की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया जा सकता है।

नेताओं का कहना है कि गयाजी की ऐतिहासिक और धार्मिक अहमियत को देखते हुए इसे रामायण सर्किट से जोड़ने तथा स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की कवायद को भी नई मजबूती मिलेगी। दूसरी राजधानी का दर्जा मिलने से सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और शहरी आधारभूत संरचना के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास की राह खुल सकती है।कांग्रेस नेताओं ने गयाजी की अंतरराष्ट्रीय पहचान का हवाला देते हुए कहा कि यह धरती प्राचीन काल से ही धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद अहम रही है। मोक्ष और ज्ञान की इस धरती पर हर साल बड़ी तादाद में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। हिंदू धर्मावलंबियों के साथ-साथ बौद्ध धर्म से जुड़े लोगों के लिए भी गयाजी और आसपास का इलाका बेहद महत्वपूर्ण है।

नेताओं के मुताबिक, विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी खास पहचान रखने वाले गयाजी को दूसरी राजधानी बनाए जाने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को बेहतर प्रशासनिक एवं नागरिक सुविधाएं मिल सकेंगी। पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय कारोबार, रोजगार और छोटे व्यवसायों को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है।कांग्रेस नेताओं ने सरकार से कहा कि गयाजी को केवल धार्मिक नगरी के तौर पर नहीं, बल्कि बिहार के एक प्रमुख प्रशासनिक, आर्थिक, शैक्षणिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की जरूरत है। उनका कहना है कि यदि सरकार गंभीरता से पहल करे तो गयाजी को दूसरी राजधानी बनाने का फैसला पूरे मगध क्षेत्र के लिए विकास का नया अध्याय साबित हो सकता है। कांग्रेस की इस मांग ने बिहार में राजधानी के विकेंद्रीकरण और क्षेत्रीय विकास को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब निगाहें सरकार के रुख पर टिकी हैं कि गयाजी को दूसरी राजधानी बनाने की इस मांग पर सत्ता पक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार