गयाजी से बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू: सीएम सम्राट चौधरी ने दिखाई हरी झंडी, इंडिगो की इंटरनेशनल फ्लाइट से बिहार का सफर होगा आसान

गयाजी से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू कर दी गई है। इस नई अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा के शुरू होने से बिहार सहित आसपास के पड़ोसी राज्यों के बौद्ध तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और व्यवसायियों को यात्रा करने में काफी सहूलियत होगी...

गयाजी से बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू: सीएम सम्राट चौध
गयाजी से बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू- फोटो : रिपोर्टर

Gayaji : बिहार के धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी गयाजी से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। अब गयाजी से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के लिए सालभर सीधी उड़ान सेवा शुरू कर दी गई है। इस नई अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा के शुरू होने से बिहार सहित आसपास के पड़ोसी राज्यों के बौद्ध तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और व्यवसायियों को थाईलैंड और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों की यात्रा करने में काफी सहूलियत होगी।


सीएम सम्राट चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ

इस बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा का औपचारिक उद्घाटन समारोह गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आयोजित किया गया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विमान को हरी झंडी दिखाकर इसकी नियमित शुरुआत की। इस अवसर पर विमानन क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। राज्य सरकार के इस कदम को पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।


इंडिगो की इस इंटरनेशनल सेवा से सफर होगा बेहद आसान

यह विमान सेवा प्रमुख विमानन कंपनी 'इंडिगो' (Indigo) द्वारा संचालित की जा रही है। इंडिगो की इस इंटरनेशनल फ्लाइट के शुरू होने से अब यात्रियों को बैंकॉक जाने के लिए अन्य महानगरों (जैसे कोलकाता या दिल्ली) के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। गयाजी से सीधे बैंकॉक की कनेक्टिविटी मिलने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का गया पहुंचना और यहां से वापस जाना बेहद सुगम हो गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन उद्योग को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


पर्यटन और व्यापारिक रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

गयाजी दुनिया भर के बौद्ध अनुयायियों के लिए एक प्रमुख आस्था का केंद्र है। ऐसे में बैंकॉक के साथ सालभर सीधी उड़ान शुरू होने से थाइलैंड और अन्य बौद्ध बहुल देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही, बिहार और थाईलैंड के बीच व्यापारिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध भी प्रगाढ़ होंगे, जिससे राज्य के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।