Bihar News : भैंस किसकी? गया में मालिकाना हक तय करने के लिए अब होगी DNA जांच, आईजी विकास वैभव ने दिया आदेश

Bihar News : गयाजी के अतरी थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव में भैंस के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद अब DNA जांच तक पहुंच गया है......सवाल है की भैंस किसकी......पढ़िए आगे

Bihar News : भैंस किसकी? गया में मालिकाना हक तय करने के लिए
भैंस किसकी - फोटो : MANOJ

GAYAJI : बिहार के गया जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक भैंस के वास्तविक मालिक का पता लगाने के लिए अब DNA जांच का सहारा लिया जाएगा। अतरी थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव में दो पक्षों के बीच भैंस के मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मामले की गंभीरता और जटिलता को देखते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए भैंस का DNA टेस्ट कराने का आदेश जारी किया है।

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब मोहड़ा प्रखंड के सेवतर गांव निवासी सूरज यादव की भैंस अचानक लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि भैंस अतरी प्रखंड के उपथू महाचक गांव पहुंच गई थी, जहां नौरंगा टोली के प्रकाश मांझी ने उसे अपने पास रख लिया था। जब सूरज यादव अपनी भैंस वापस मांगने पहुंचे, तो प्रकाश मांझी ने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई और मामला पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया, जहां भैंस चोरी की प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई।

मामले में मोड़ तब आया जब प्रकाश मांझी के पक्ष ने एक नया दावा पेश किया। उनके समर्थकों का कहना है कि यह वही भैंस है जो लगभग चार साल पहले उनके घर से चोरी हो गई थी। दोनों पक्षों द्वारा भैंस पर अपना-अपना दावा ठोके जाने के कारण स्थानीय पुलिस के लिए असली मालिक की पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया। इसी वजह से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी और मालिकाना हक पर सस्पेंस गहराता चला गया।

विवाद के बढ़ते असर को देखते हुए हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मगध रेंज के आईजी से मुलाकात की। उन्होंने आईजी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। मामले का संज्ञान लेते हुए आईजी ने ग्रामीण एसपी दिव्यांजलि जायसवाल को निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया की तेजी से और पारदर्शी तरीके से जांच की जाए ताकि बेकसूर को उसका हक मिल सके।

आईजी विकास वैभव ने स्पष्ट किया है कि वैज्ञानिक आधार पर भैंस का DNA टेस्ट कराया जाएगा। DNA जांच की रिपोर्ट और पुलिस की छानबीन के नतीजों को मिलाकर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर जिस पक्ष का दावा सही साबित होगा, भैंस उसे सौंप दी जाएगी। बिहार में किसी मवेशी के मालिकाना हक के लिए DNA टेस्ट कराने का यह अपनी तरह का बेहद दुर्लभ और अनोखा मामला बन गया है।

मनोज की रिपोर्ट