Bihar News: दो मिनट में 118 रासायनिक तत्वों का हिसाब, गया का नन्हा परमहंस, याददाश्त ऐसी कि बड़े-बड़े भी रह जाएं हैरान
Bihar News: गया के टिकारी प्रखंड के भोरी गांव का महज साढ़े 11 साल का बालक परमहंस इन दिनों अपनी विलक्षण प्रतिभा और गजब की याददाश्त को लेकर चर्चा में है।...
Bihar News: गया के टिकारी प्रखंड के भोरी गांव का महज साढ़े 11 साल का बालक परमहंस इन दिनों अपनी विलक्षण प्रतिभा और गजब की याददाश्त को लेकर चर्चा में है। छोटी उम्र में ही उसकी मेमोरी पावर देखकर लोग दंग हैं। दावा है कि परमहंस महज दो मिनट में 118 रासायनिक तत्वों के नाम और उनके संकेत बिना रुके बता देता है। इतना ही नहीं, इतिहास के किसी भी विषय पर वह करीब आधे घंटे तक लगातार जानकारी देने की क्षमता रखता है।
परमहंस ने छठी कक्षा के बाद स्कूल जाना छोड़ दिया। इसके बाद उसके पिता चितरंजन कुमार, जो संस्कृत हाई स्कूल में प्रधानाध्यापक हैं, घर पर ही उसकी पढ़ाई करा रहे हैं। पिता की निगरानी में पढ़ाई करते हुए परमहंस ने कम उम्र में ही कई विषयों पर गहरी पकड़ बनाने का दावा किया है।
परमहंस के मुताबिक उसने मैट्रिक स्तर के लगभग सभी विषयों की पढ़ाई पूरी कर ली है। वहीं, कई विषयों की जानकारी इंटर स्तर तक होने का भी दावा करता है। देश-दुनिया, इतिहास, भूगोल और विज्ञान से जुड़े सवालों के जवाब वह तेजी से देने की कोशिश करता है। उसकी इसी प्रतिभा ने गांव से लेकर आसपास के इलाके तक लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
पढ़ाई के साथ-साथ परमहंस को कविता लिखने और गाने का भी शौक है। किताबों और सामान्य ज्ञान से जुड़ी जानकारियों को याद रखने की उसकी क्षमता ही उसकी सबसे बड़ी खासियत बताई जा रही है।
अब इस नन्हे मेधावी का अगला निशाना मैट्रिक परीक्षा है। परमहंस इसी वर्ष मैट्रिक की परीक्षा देना चाहता है और इसके लिए शिक्षा विभाग से अनुमति की उम्मीद कर रहा है। परिवार का कहना है कि उसकी प्रतिभा को सही दिशा और उचित अवसर मिले तो वह आगे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
परमहंस का सपना भी साधारण नहीं है। वह पहले IIT की पढ़ाई करना, फिर IAS अधिकारी बनना और आगे चलकर भारतीय राजनीति में शीर्ष मुकाम हासिल करना चाहता है। उम्र भले ही छोटी है, लेकिन सपने बड़े हैं और याददाश्त की यह प्रतिभा उसे अभी से सुर्खियों में ला रही है।
रिपोर्ट- मनोज कुमार