थाने में भैंस कांड, मालिक से लेकर थानेदार तक आमने-सामने, IG ने बैठाई जांच
Bihar Crime: गया के अतरी थाना क्षेत्र से भैंस के स्वामित्व को लेकर ऐसा अजीबोगरीब विवाद सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्रवाई से लेकर कथित राजनीतिक दबाव तक पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Bihar Crime: गया के अतरी थाना क्षेत्र से भैंस के स्वामित्व को लेकर ऐसा अजीबोगरीब विवाद सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्रवाई से लेकर कथित राजनीतिक दबाव तक पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अतरी थाना प्रभारी अजय कुमार ने सूरज देव कुमार यादव की भैंस को थाने में बांधकर रखा और बाद में कागजी कार्रवाई के बाद मालिक को सौंपने के बावजूद भैंस को दोबारा थाने लाया गया। मामले में स्थानीय लोगों ने पुलिस पर कथित तौर पर विधायक के दबाव में मनमानी करने का इल्जाम लगाया है।िवाद बढ़ने के बाद मामला पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंच गया है। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच गया के ग्रामीण एसपी को सौंप दी है।
गया के अतरी थाना क्षेत्र में भैंस के स्वामित्व से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस, पत्रकार और कथित सियासी दबाव के त्रिकोण में फंसता नजर आ रहा है। एक तरफ भैंस मालिक सूरज देव कुमार यादव और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने मामले में कथित तौर पर दबाव में कार्रवाई की, वहीं दूसरी तरफ अतरी थानाध्यक्ष अजय कुमार की ओर से पत्रकार कमलनयन उर्फ राजीव कुमार पर सरकारी काम में बाधा डालने, धमकी देने, कथित रंगदारी मांगने और गलत तरीके से वीडियो बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब भैंस के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद की खबरें सामने आने लगीं और स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। बढ़ते विवाद के बीच मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने संज्ञान लेते हुए जांच गया के ग्रामीण एसपी को सौंप दी है।
मामला सूरज देव यादव की भैंस के स्वामित्व से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि भैंस को अतरी थाना परिसर में बांधकर रखा गया था। जब इसकी जानकारी सूरज यादव को हुई तो वह थाने पहुंचे।बताया गया कि कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भैंस उन्हें सौंप दी गई। लेकिन इसके बाद कथित तौर पर भैंस को फिर से थाने लाए जाने की बात सामने आई। यहीं से पूरे मामले ने सियासी और प्रशासनिक रंग पकड़ लिया।स्थानीय लोगों का आरोप है कि भैंस को लेकर कार्रवाई में विधायक रोमित कुमार के दबाव की भूमिका बताई जा रही है।
विवाद के बीच अतरी थानाध्यक्ष अजय कुमार की ओर से दर्ज कराए गए कथित आवेदन/विवरण में पत्रकार कमलनयन उर्फ राजीव कुमार और उनके कैमरामैन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।विवाद के बीच कथित तौर पर इस मामले को लेकर खबर चलाने वाले एक पत्रकार के खिलाफ भी थानेदार द्वारा केस दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद स्थानीय पत्रकारों और ग्रामीणों में भी नाराजगी बढ़ गई।
मामले में एक और पेचीदा मोड़ तब आया, जब भैंस के मालिक सूरज यादव पर भी एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किए जाने का दावा सामने आया।इसके बाद स्थानीय लोगों और समर्थकों में और नाराजगी फैल गई। सवाल उठने लगा कि आखिर एक पशु के स्वामित्व का विवाद पुलिस और प्रशासन के बीच इतना बड़ा कानूनी संघर्ष कैसे बन गया।एक तरफ भैंस मालिक और उसके समर्थक पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस ने पत्रकार के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, कथित धमकी और अन्य आरोपों का हवाला दिया है।
लगातार बढ़ते विवाद के बाद मामला पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचा। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया और जांच गया के ग्रामीण एसपी को सौंप दी।आईजी के मुताबिक, भैंस के स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद समुचित कार्रवाई की जाएगी।अब जांच में कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे—भैंस को थाने में रखने की वास्तविक वजह क्या थी? उसे मालिक को सौंपने के बाद दोबारा थाने क्यों लाया गया? पुलिस पर लगाए गए राजनीतिक दबाव के आरोपों में कितनी सच्चाई है? और पत्रकार के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या था?
मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि भैंस को लेकर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव और जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।स्थानीय वीडियो और पत्रकारों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद मामला लगातार चर्चा में है। अब निगाहें ग्रामीण एसपी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
एक मामूली नजर आने वाला ‘भैंस विवाद’ अब पुलिसिया कार्रवाई, कथित सियासी हस्तक्षेप, पत्रकार पर FIR और रंगदारी के आरोप तक पहुंच चुका है। ऐसे में जांच रिपोर्ट ही तय करेगी कि इस पूरे प्रकरण में किसकी भूमिका क्या थी और आरोपों में कितनी सच्चाई है।
रिपोर्ट- रंजीत कुमार