Bihar Rakhi Mahotsav: राखी पर अनोखा पैगाम, पेड़ों को बहन ने बांधी राखी, जवानों की कलाई भी सजी

Bihar Rakhi Mahotsav:इस बार राखी का त्योहार सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रकृति और देश की हिफाजत का पैगाम लेकर आया...

Gaya Celebrates Rakhi by Honoring Trees and Soldiers for Nat
राखी पर अनोखा पैगाम- फोटो : reporter

Bihar Rakhi Mahotsav: इस बार राखी का त्योहार सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रकृति और देश की हिफाजत का पैगाम लेकर आया। गया जी के ब्रह्मयोनि पर्वत की तलहटी में मॉर्निंग वॉकर्स की ओर से ‘हमारा पेड़, हमारा पर्यावरण’ अभियान के तहत अनूठा राखी महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने शिरकत की और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

पेड़ों की कलाई पर बंधी राखी, लिया हिफाजत का संकल्प

कार्यक्रम का सबसे खास और भावुक पहलू रहा पेड़ों को राखी बांधना। बच्चों और स्थानीय लोगों ने पेड़ों को परिवार के सदस्य की तरह मानते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधी और उनकी हिफाजत का संकल्प लिया।इस अनूठी पहल के जरिए लोगों ने संदेश दिया कि पेड़ सिर्फ लकड़ी या हरियाली का जरिया नहीं, बल्कि इंसानी जिंदगी के लिए बेहद जरूरी साथी हैं। पेड़ों की कटाई और पर्यावरण के लगातार बिगड़ते संतुलन के बीच यह आयोजन समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाने वाला रहा।बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ इस मुहिम में हिस्सा लिया। राखी बांधते हुए उन्होंने ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और मौजूदा पेड़ों को बचाने का संकल्प लिया।

जवानों की कलाई पर भी सजी राखी

महोत्सव का दूसरा खास पहलू देश की सरहदों और सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान रहा। कार्यक्रम में सैनिकों को भी राखी बांधकर उनके प्रति कृतज्ञता और सम्मान जाहिर किया गया।आयोजकों ने कहा कि जिस तरह सैनिक देश की हिफाजत करते हैं, उसी तरह पेड़ और प्रकृति इंसानी जीवन की रक्षा करते हैं। इसलिए राखी के इस पर्व को प्रकृति और राष्ट्र की सुरक्षा से जोड़कर मनाने का प्रयास किया गया।

बच्चों ने दिया ‘प्रकृति बचाने’ का संदेश

कार्यक्रम में बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे आयोजन को खास बना दिया। आयोजकों का उद्देश्य नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें पेड़ों की अहमियत समझाना था।बच्चों और स्थानीय लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, पेड़ों की रक्षा करने और आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने का संदेश दिया।ब्रह्मयोनि पर्वत की तलहटी में आयोजित यह कार्यक्रम महज राखी बांधने की रस्म नहीं रहा, बल्कि मोहब्बत, जिम्मेदारी और हिफाजत का प्रतीक बन गया। एक तरफ पेड़ों की कलाई पर राखी बंधी, दूसरी तरफ देश की रक्षा करने वालों की कलाई सजी और दोनों के साथ एक ही संदेश जुड़ा रहा: जिससे जिंदगी सुरक्षित है, उसकी हिफाजत हमारी जिम्मेदारी है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार